
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरीबुरू थाना क्षेत्र में एक वाहन मालिक को नाबालिग को अपनी मोटरसाइकिल सौंपना बेहद महंगा पड़ गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की है। बाइक मालिक के खिलाफ मामला दर्ज करने के साथ ही 25 हजार रुपये जुर्माने का नोटिस थमा दिया गया है।
वाहन चेकिंग के दौरान पकड़ा गया नाबालिग
मिली जानकारी के अनुसार मुर्गापाड़ा के रहने वाले निरंजन दास ने बीती 7 जुलाई को अपने किसी जरूरी काम के लिए पड़ोस में रहने वाले एक 15 वर्षीय किशोर को अपनी मोटरसाइकिल (संख्या: JH06S-7780) दे दी थी। किशोर जैसे ही बाइक लेकर केंद्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरु के पास पहुंचा, वहां किरीबुरू पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सघन वाहन जांच अभियान की जद में आ गया। पुलिस ने जब बाइक रोककर पूछताछ की, तो चालक के नाबालिग होने की पुष्टि हुई।
कानून का चला डंडा, बाइक जब्त, मालिक को नोटिस
मामला सामने आते ही किरीबुरू पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया। इसके बाद पुलिस ने वाहन मालिक निरंजन दास के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A(2) के तहत केस दर्ज किया। आरोपी वाहन मालिक को परिवहन पदाधिकारी कार्यालय, चाईबासा में उपस्थित होकर 25,000 रुपये का जुर्माना जमा करने का आधिकारिक नोटिस भेज दिया गया है।

क्या कहता है नया नियम?
किरीबुरू थाना प्रभारी ने बताया कि ‘मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019’ के तहत यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी वाहन मालिक या उसके अभिभावक की होगी। इस कानून के तहत निम्नलिखित सख्त प्रावधान हैं। जिसमें 25 हजार रुपये तक का आर्थिक दंड, 3 साल तक की जेल का प्रावधान,वाहन का पंजीकरण (RC) 12 महीने के लिए सस्पेंड (निलंबित) किया जा सकता है।साथ ही दोषी नाबालिग को 25 वर्ष की आयु पूरी होने तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।
पुलिस की अपील : नियमों का पालन करें, दुर्घटनाओं से बचें’
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से बेहद संवेदनशील अपील की है। किरीबुरू थाना प्रभारी ने कहा कि किसी भी स्थिति में नाबालिग बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन न सौंपें। आपकी थोड़ी सी लापरवाही न केवल किसी बड़ी सड़क दुर्घटना का कारण बन सकती है और किसी की जान जोखिम में डाल सकती है, बल्कि आपको भारी-भरकम जुर्माने और कानूनी कार्रवाई के चक्रव्यूह में भी फंसा सकती है।
उन्होंने साफ किया कि जिले में सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर यह जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और उल्लंघन करने वालों पर जीरो टॉलेरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

