
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड को अब केवल खनिज संपदा पर आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहना है। राज्य को ‘माइन टू माइंड’ (खदान से ज्ञान तक) और ‘मिनरल टू मार्केट वैल्यू एडिशन’ (खनिज से बाजार तक मूल्य संवर्धन) के मॉडल पर आगे बढ़ते हुए शोध, नवाचार, तकनीक और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना होगा। इसके माध्यम से झारखंड को औद्योगिक विकास के साथ-साथ ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में अग्रसर किया जाएगा।
नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में राज्य की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खनिज संसाधनों पर निर्भर है, लेकिन अब इस निर्भरता से बाहर निकलना समय की आवश्यकता है। इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए औद्योगिक और बौद्धिक क्षमता का विस्तार करना होगा। नए सृजन, शोध और नवाचार को बढ़ावा देकर झारखंड को विकास के नए आयाम देने होंगे।
लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार उद्योग जगत, तकनीकी संस्थानों, शोध संगठनों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करेगी। ऐसे लोगों और संस्थानों की विशेषज्ञता का लाभ लेकर राज्य में आधुनिक उद्योग, अनुसंधान और नवाचार का मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।
एमओयू को धरातल पर उतरना जरूरी
उन्होंने कहा कि नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में हुए समझौते केवल औपचारिक एमओयू बनकर नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर उपलब्धियों में बदलना होगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और निवेशकों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार उद्योगों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी की सोच के साथ आगे बढ़ रही है।
जिंदल समूह, टाटा समूह, वरुण बेवरेजेज, गूगल, ईज़ माई ट्रिप समेत विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के साथ विश्वास, पारदर्शिता और आपसी सहयोग के आधार पर राज्य के विकास को नई गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों की आवश्यकताओं और राज्य की जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन करेगी।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार की कई अच्छी पहल प्रभावी संचार के अभाव में लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंच सकीं। अब इस कमी को दूर करते हुए विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार, उद्योग जगत और सभी साझेदार संस्थानों के संयुक्त प्रयास से झारखंड निवेश, उद्योग, तकनीक, रोजगार और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।

