मुंबई। उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे समेत 3 लोगों पर मुंबई पुलिस ने केस दर्ज किया है। आदित्य ठाकरे के अलावा एफआईआर में मुंबई पुलिस ने सुनील शिंदे और सचिन अहीर का नाम भी डाला है। तीनों पर एनएम जोशी थाने में केस दर्ज किया गया। ये केस डिलाई रोड पुल के उद्घाटन के मामले को लेकर दर्ज हुआ है। आदित्य ठाकरे समेत तीनों नेताओं पर धारा 143, 149, 326, 447 लगाई गई है।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, गुरुवार को आदित्य ठाकरे ने डिलाई रोड की इस लेन का उद्घाटन किया था। लेन का काम अभी अधूरा है और इसी वजह से इसका उद्घाटन गैरकानूनी माना गया। जिसके बाद बीएमसी ने केस दर्ज कराया गया है।
बीएमसी के फैसले के बिना ही नेताओं ने कर दिया उद्घाटन
पुल का काम अधूरा होने के बावजूद इसका उद्घाटन कर आम जनता के लिख खोल दिया गया। बीएमसी के मुताबिक बिना काम पूरा हुए लेन का उद्घाटन किया जाना गैरकानूनी है। बीएमसी ने डिलाई पुल लेन का उद्घाटन करने का अभी फैसला भी नहीं किया था और आदित्य ठाकरे ने कुछ नेताओं के साथ जाकर इस लेन को आम जनता के लिए खोल दिया। बीएमसी की तरफ से केस दर्ज कराए जाने से अब आदित्य ठाकरे के लिए मुश्किल हो सकती है। आपराधिक मामला होने के कारण आदित्य ठाकरे, सुनील शिंदे और सचिन अहीर को मुंबई पुलिस गिरफ्तार कर सकती है।
गरमा सकती है सियासत
इस मामले को लेकर अब सियासत भी गरमाने के पूरे आसार दिख रहे हैं। बीएमसी ने अपनी शिकायत में कहा कि आदित्य ठाकरे ने ब्रिज का अवैध रूप से उद्घाटन किया था। मामला 16 नवंबर का है जब पूर्व सीएम के बेटे पार्टी नेताओं के साथ ब्रिज के उद्घाटन में पहुंचे थे। इसके एक दिन बाद 17 नवंबर को बीएमसी ने जानकारी मिलने के बाद मुंबई के एनएम जोशी पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत की। इसी शिकायत के आधार पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक बीएमसी के अधिकारी पुलिस स्टेशन में ही मौजूद थे, बीएमसी ने अपनी शिकायत में कहा कि विधायक आदित्य ठाकरे और विधान परिषद विधायक सुनील शिंदे, सचिन अहिर, पूर्व महापौर किशोरीताई पेडणेकर, पूर्व महापौर स्नेहल आंबेकर सहित 15 से 20 अज्ञात लोगों ने गैर कानूनी तरीके से महानगरपालिका आयुक्त बृहन्मुंबई की इजाजत के बिना अधूरे लोअर परेल ब्रिज का उद्घाटन किया, जिसके लिए एसीक भवन के पास लगे बैरिकेड हटाए गए।
काम पूरा होने के सात दिन बाद शुरू किया जाना था लेन
मुंबई नगर निगम ने इस पुल का काम पूरा करने और डिलाइल रोड पर काम पूरा होने के बाद सात दिनों के बाद लेन शुरू करने की योजना बनाई थी। वहीं इस मामले में मुंबई नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह से उद्घाटन करना गैरकानूनी है। नगर निगम के प्रस्तावित उद्घाटन से पहले ही इस पर यातायात शुरू कर दिया।
शिंदे गुट के साधा निशाना
शिवसेना प्रवक्ता किरण पावस्कर ने कहा, शिवसेना केवल श्रेय लेने की कोशिश कर रही है और कहती है कि उन्होंने इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्रयास किए। जब वे सत्ता में थे, तो वे घर बैठे थे और घर बैठने से कोई काम नहीं हो सकता था। हमें बताया गया कि अंतिम चरण में कुछ काम बाकी है, इसलिए इसे नहीं खोला गया। ये राजनीतिक नहीं बल्कि तकनीकी और इंजीनियरिंग के फैसले हैं और इन्हें समय से पहले खोलने से लोगों की जान को खतरा हो सकता है। बता दें आरोप है कि उन्होंने बिना इजाजत लोअर परेल ब्रिज का उद्धाटन कर दिया था, वहीं इस दौरान मौजूद उद्धव की अगुवाई वाली शिवसेना के तमाम नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी।
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