नई दिल्ली: विश्वविद्यालय या कॉलेज से नाम कटाने पर छात्र-छात्राओं के नामांकन की पूरी फीस वापस करनी होगी। नामांकन समाप्त होने के 15 दिनों के भीतर अगर कोई भी छात्र या छात्रा अपना नाम कॉलेज से कटाता है और टीसी लेता है तो उसे पूरी राशि देने का प्रावधान यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) UGC ने किया है।
वहीं अगर काेई 15 दिन के बाद अपना नाम कटाते हैं तो कुछ आंशिक कटौती के बाद फिर भी राशि वापस करनी होगी। उक्त प्रावधान राज्य के सभी विश्वविद्यालय व कॉलेजों में लागू किया जाना है।

इसे लेकर यूजीसी (UGC) ने सभी विश्वविद्यालयाें काे नाेटिफिकेशन जारी किया है। इसमें सभी कॉलेजों को इसे फॉलो करने के लिए कहा है। यूजीसी (UGC) ने सत्र 2023-24 में इसके लेकर एक पॉलिसी सी भी बना दी है। प्रोसेसिंग फीस एक हजार रुपए तक का डिडक्शन संस्थान कर सकते हैं। अगर संस्थान राशि वापस नहीं करते हैं और इस संबंध में शिकायत यूजीसी को मिलती है तो उस पर यूजीसी नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
छात्रों को राशि वापस नहीं करने की UGC को मिल रही थी शिकायत:
यूजीसी( UGC )को कई छात्र-छात्राएं शिकायत कर रहे थे कि कॉलेज नाम कटाने पर विवि व काॅलेज नामांकन की फीस वापस नहीं कर रहे हैं। इसके बाद ही यूजीसी ने यह आदेश जारी किया है। यूजीसी ने इससे संबंधित गाईडलाईन वेबसाइट पर भी अपलाेड कर दिया है। विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित संस्थान और छात्र-छात्राएं वेबसाइट पर देख सकते हैं।
कब कितना रिफंड करना है:
नामांकन की अंतिम तिथि के पंद्रह दिनों या उससे अधिक पहले नाम कटाने पर : 100%
नामांकन की अंतिम तिथि के पंद्रह से 20 दिन बाद कटाने पर : 90%
नामांकन की अंतिम लेने के 20 से 25 दिन बाद नाम कटाने पर : 80%
नामांकन की अंतिम तिथि के 25 से 30 दिन के बीच नाम कटाने पर : 50%
नामांकन की अंतिम तिथि के 30 दिन बाद शून्य प्रतिशत
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