जमशेदपुर/Heart Disease in Diabetic Patients: हृदय और मधुमेह का अन्योनाश्रय संबंध है। मधुमेह के मरीज हृदय की बीमारी के अनायास ही शिकार हो जाते हैं। इसकी वजह से मधुमेह के 32 प्रतिशत मरीजों में हृदय संबंधी बीमारी हो जाती है, जो आगे चलकर जानलेवा तक बन जाती है। ये बातें बुधवार को आयोजन समिति के चेयरपर्सन डॉ. उमेश खां ने कहीं।

क्लीनिकल कार्डियो डायबिटीज सोसाइटी ऑफ इंडिया, बिहार-झारखंड शाखा की ओर से साकची स्थित होटल गंगा रीजेंसी में बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में डॉ. उमेश खां ने कहा कि सोसाइटी की ओर से टाटा-रांची राष्ट्रीय उच्च पथ स्थित होटल वेव इंटरनेशनल में 21 से 23 जून तक आठवां वार्षिक अधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है।
इसमें देश भर से लगभग 150 विशेषज्ञ चिकित्सक भाग लेंगे। डॉ. उमेश खां ने कहा कि अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन की एक रिपोर्ट में दिल की विफलता यानी हार्ट फेल्योर को मधुमेह की एक जटिलता के रूप में मान्यता दी गई है। वहीं, आयोजन समिति के सचिव डॉ. सतीश प्रसाद ने कहा कि सामान्य लोगों की तुलना में मधुमेह रोगियों में हृदय संबंधी बीमारी चार गुना तक बढ़ जाती है।
हार्ट ब्लॉक की संभावना भी बढ़ जाती है। अत: मधुमेह को नियंत्रित रखना अत्यंत आवश्यक है। आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ. एके विरमानी ने कहा कि मधुमेह, मोटापा, ब्लड प्रेशर व कोलेस्ट्राल का सीधा संबंध हार्ट व किडनी से होता है। ऐसे में अगर इसमें से किसी एक बीमारी से भी कोई व्यक्ति ग्रस्त होता है तो उसके हार्ट व किडनी पर भी असर पड़ना स्वाभाविक है।
इसके प्रति लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। डॉ. एके पाल ने कहा कि मधुमेह को गंभीरता से लेने की जरूरत है। यह शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंगों को डैमेज कर देता है। ऐसे में मधुमेह के रोगी को चीनी व चीनी से बनी मिठाई के अलावा मैदा, बर्गर, पास्ता, चाउमिल आदि जंक फूड के अलावा गुड़ और शहद या मधु से भी परहेज करना चाहिए।
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