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PM मोदी को मिला रूस का सर्वोच्च सम्मान

by Rakesh Pandey
PM Modi Russia Visit
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सेंट्रल डेस्क : PM Modi Russia Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) दो दिवसीय रूस दौरे पर हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से नवाजा गया है। पीएम मोदी को ये सम्मान रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन ने दिया है। पीएम मोदी ने इस सम्मान को भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान बताया है।

प्रधानमंत्री मोदी को ये सम्मान भारत और रूस की पार्टनरशिप और दोस्ती को और मजबूत करने के उनके प्रयासों के कारण दिया गया है। वहीं सेंट एंड्रयू को जीसस का पहला दूत और रूस का संरक्षक संत माना जाता है। उन्हीं के सम्मान में साल 1698 में इस अवॉर्ड की शुरुआत पीटर द ग्रेट ने की थी। ये सम्मान सबसे उत्कृष्ट नागरिक या सैन्य योग्यता के लिए दिया जाता है।

ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू के ग्रैंड हॉल में हुए भव्य समारोह के दौरान रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को इस सम्मान से नवाजा। वहीं ये हॉल रूस में सदियों से खास समारोहों के लिए ही इस्तेमाल में लिया जाता रहा है। राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को अवॉर्ड से नवाजने के बाद कहा कि उन्हें ये सम्मान देते हुए बहुत खुशी हो रही है।

 PM Modi Russia Visit : पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा पोस्ट

पुरस्कार स्वीकार करते समय प्रधानमंत्री ने इसे भारत के लोगों और भारत-रूस के बीच दोस्ती के पारंपरिक संबंधों को समर्पित किया। वहीं उन्होंने आगे कहा कि यह मान्यता दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को उजागर करती है। उन्होंने समारोह में पुरस्कार प्राप्त करने के बाद एक्स पर लिखा, ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोसल पुरस्कार प्राप्त करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं इसे भारत की जनता को समर्पित करता हूं’।

 PM Modi Russia Visit : क्या है सम्मान का महत्व

वर्ष 1698 में यीशु के प्रथम प्रचारक और रूस के संरक्षक संत सेंट एंड्रयू के सम्मान में ‘जार पीटर द ग्रेट’ द्वारा स्थापित ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोसल’ रूस का सर्वोच्च राजकीय सम्मान है। यह एक ही वर्ग में प्रदान किया जाता था और केवल सबसे उत्कृष्ट नागरिक या सैन्य योग्यता के लिए प्रदान किया जाता था। इसका उपयोग सदियों से रूस में औपचारिक आयोजनों के लिए किया जाता रहा है।

वहीं बता दें कि कुल मिलाकर यह 1917 से पहले 1,000 से अधिक लोगों को दिया गया था। उनमें से लगभग आधे विदेशी नागरिक थे। 1917 की अक्टूबर क्रांति के बाद इसे देना बंद कर दिया गया। वहीं 1 जुलाई 1998 को राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन के आदेश से ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल को रूस के सर्वोच्च राज्य पुरस्कार के रूप में बहाल किया गया था।

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