

– हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग में चार घंटे बंद रहा ट्रेनों का परिचालन, विभिन्न स्टेशनों में फंसी रहीं ट्रेनें

चक्रधरपुर : CPI Maoist: भाकपा-माओवादी नक्सलियों ने बुधवार को कोल्हान बंद की घोषणा थी, जिसका असर चक्रधरपुर रेल मंडल पर दिखा। बंद के दौरान चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत मनोहरपुर और जराईकेला स्टेशन के बीच बैनर लगाने के बाद बम लगाने के लिए रेल पटरी की फिशप्लेट उखाड़ दी गई थी।

गनीमत रही कि पुलिस को इसकी सूचना समय रहते मिल गई। मौके पर पहुंचे सुरक्षाबल के जवानों की कार्रवाई से नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम हो गई। इस घटना के कारण हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर करीब 4 घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा।

घटना बुधवार सुबह करीब 2 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार नक्सलियों ने इस स्थान पर रेल पटरी के बीच में बैनर लगा दिया था। इसके बाद पटरी की फिशप्लेट उखाड़ दी। नक्सली पटरी पर बम लगाने की कोशिश कर ही रहे थे कि घटना की सूचना पाकर मौके पर सुरक्षाबल के जवान पहुंच गए।
इसके बाद नक्सली घटनास्थल से भाग गए। इस घटना की सूचना जब रेल मंडल मुख्यालय के वरीय पदाधिकारियों को दी गई तो ट्रेनों का परिचालन सुबह 2 बजे से ही रोक दिया गया। इसके बाद सुरक्षाबल के जवानों ने बम निरोधक दस्ता, मेटल डिटेक्टर और खोजी कुत्ते की मदद से पटरियों की जांच की। वहीं उखाड़े गए फिशप्लेट वाले रेल पटरी को भी दुरुस्त कर दिया गया। रेल पटरी की जांच के बाद सुरक्षाबलों ने क्लीयरेंस दिया। इसके बाद बुधवार सुबह 6 बजे से ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया।
CPI Maoist: ये ट्रेनें इन स्टेशनों पर रुकी रहीं
जराइकेला में ट्रेन संख्या 18190 एर्नाकुलम-टाटानगर एक्सप्रेस, गोईलकेरा में ट्रेन संख्या 22906 ओखा-शालीमार सुरफास्ट एक्सप्रेस, सोनुआ में ट्रेन संख्या 12810 हावड़ा-मुंबई मेल और चक्रधरपुर में ट्रेन संख्या 12130 हावड़ा-पुणे आजाद हिंद एक्सप्रेस को रोक कर रखा गया था। देर रात को नक्सली धमक के कारण विभिन्न स्टेशनों में अचानक से ट्रेनों का परिचालन रोक दिए जाने से उसमें सवार यात्री परेशान रहे। उन्हें रेलवे द्वारा कोई भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी। नक्सली बंद के दौरान अचानक सोनुआ, गोईलकेरा और जराईकेला जैसे नक्सल प्रभावित स्टेशनों में ट्रेनों के रुके रहने से यात्री सहमे रहे।
CPI Maoist: करमपदा रेल खंड में लगा बैनर
इधर खनन बहुल क्षेत्र के करमपदा रेल सेक्शन में भी नक्सलियों ने इसी तरह बैनर लगाने के बाद बम प्लांट कर रेल पटरी को उड़ाने की साजिश रची थी। इसके बाद से सेक्शन में ट्रेनों का परिचालन ठप्प कर दिया गया है। बता दें कि यहां केवल मालगाड़ियों का परिचालन होता है। मालगाड़ी का परिचालन ठप्प रहने से रेलवे को भरी आर्थिक नुकसान हुआ है।
