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चप्पल से मारने संबंधी वायरल वीडियो के मामले ने पकड़ा तूल, सम्मान के लिए नंगे पैर पहुंचे शिक्षक

by Rakesh Pandey
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रांची:Teacher reached school barefoot : चप्पल पहनकर आए तो उसी चप्पल से मारेंगे।‘ ऐसा ही कुछ कहते हुए दिखाया गया है उस वीडियो में जो वायरल हुआ है और चप्पल से मारने की बात कहनेवाले व्यक्ति को झारखंड शिक्षा परियोजना का निदेशक आदित्य रंजन बताया जा रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद शिक्षक संघों में आक्रोश बढ़ गया है। समाचारपत्रों में भी इससे संबंधित खबर के प्रकाशन के बाद शिक्षकों का आक्रोश और विरोध का दायरा बढ़ रहा है।

Teacher reached school barefoot : विरोध का अनोखा तरीका, नंगे पांव शिक्षक पहुंचे स्कूल

इस घटनाक्रम में शुक्रवार को सरकारी स्कूलों में उस समय अजीबोरीब स्थिति देखने को मिली जब नंगे पैर शिक्षक स्कूल पहुंचे। स्कूल की प्रार्थना सभा में शामिल हुए और खाली पैर बच्चों को पढ़ाते हुए भी दिखे। एक-दो नहीं, रांची, धनबाद व जमशेदपुर के सरकारी स्कूलों में कुछ इसी तरह का दृश्य नजर आया है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि शिक्षकों ने अपने सम्मान के लिए इस तरह का विरोध प्रदर्शन किया।

Teacher reached school barefoot : बोले शिक्षक- सम्मान से बढ़कर कुछ नहीं

शिक्षकों का कहना था कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार शिक्षकों को सम्मान देकर ही संभव है। एक शिक्षक के लिए सम्मान से बढ़कर कुछ नहीं है। सभी शिक्षकों ने अपने विद्यालयों में खाली पैर (नंगे पांव) रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए मुख्यमंत्री को टैग करते हुए एक्स पर ट्वीट भी किया है।

Teacher reached school barefoot : यह है मामला

दरअसल एक दिन पहले गुरुवार को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर कथित रूप से राज्य परियोजना निदेशक आदित्य रंजन के वायरल वीडियो से शिक्षक आहत हैं। वीडियो क्लिप में राज्य परियोजना निदेशक की ओर से शिक्षकों पर बेहद अमर्यादित एवं अशिष्ट टिप्पणी से शिक्षक वर्ग नाराज है। शिक्षकों के संगठन झारखंड आफिसर्स टीचर्स एंड इंप्लायज फेडरेशन (झारोटेफ) के अनुसार शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार एवं वैज्ञानिक पद्धति को लागू करने का पूर्ण समर्थक है, लेकिन शैक्षिक कार्य और बाकी कार्यों में फर्क होता है।

Teacher reached school barefoot : निदेशक को हटाने की मांग मुख्यमंत्री से

शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से राज्य परियोजना निदेशक को उनके पद से विमुक्त करने एवं परियोजना निदेशक के द्वारा सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन को तेज करने की तैयारी है। साथ ही संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ न्यायालय में मानहानि का वाद दायर किया जाएगा।

Teacher reached school barefoot : आखिर क्या चाहते हैं निदेशक

शिक्षकों का कहना है कि शैक्षिक कार्य में शारीरिक श्रम के साथ मनोयोग की आवश्यकता होती है। इसीलिए शिक्षक के सम्मान को हमेशा उच्च प्राथमिकता दी जाती रही है। परियोजना निदेशक की टिप्पणी से शिक्षकों के सम्मान को गहरी ठेस पहुंचा है। वे पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर सुधार चाहते हैं जो संभव नहीं है। निदेशक की अमर्यादित टिप्पणी टिप्पणी के विरोध में राज्य के सभी शिक्षकों ने अपने विद्यालयों में नंगे पांव रहकर अपने दायित्व का निर्वहन किया।

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