सेंट्रल डेस्क। आतिशी दिल्ली की नई मुख्यमंत्री बनाई गई है। विधायक दल की बैठक में अरविंद केजरीवाल ने उनके नाम का प्रस्ताव दिया है। दिल्ली सरकार में इस वक्त वे सबसे ज्यादा विभागों की मंत्री हैं। अब सवाल यह है कि आखिर क्यों पार्टी ने उनके नाम पर हामी भरी, जब कि पार्टी में कई सीनियर नेता मौजूद है।

आतिशी कई बार पार्टी के लिए अपनी योग्यता साबित कर चुकी है। आम आदमी पार्टी पर जब-जब विपत्ति आई, वो ढाल बनकर डटी रही। जब अरविंद केजरीवाल पर जब आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपने पीए से स्वाति मालीवाल को पिटवाया है, जल संकट के दौरान भी वो पार्टी का खुलकर बचाव करती दिखीं। बीते वर्ष जब एक-एक करके आम आदमी पार्टी के नेता जेल जा रहे थे, तब उन्होंने पार्टी की कमान संभाली।
आतिशी के पास अब दिल्ली सरकार में शिक्षा और लोक निर्माण विभाग जैसे प्रमुख मंत्रालय हैं। जब पार्टी प्रमुख केजरीवाल भी जेल गए, तब आतिशी ने बार-बार प्रेस कांफ्रेंस करके जवाब दिया। अरविंद केजरीवाल के लिए जोर-शोर से प्रोटेस्ट किया। स्वाति मालीवाल को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा भेजा था, लेकिन फिर भी उन्होंने आरोप लगाया कि जब वो केजरीवाल से मिलने उनके घर गई, तब उनके पीए ने उनसे बदतमीजी की, तब भी आतिशी ने बीजेपी को कटघरे में खड़ा कर दिया और कहा कि ये सब बीजेपी का रचा हुआ षड्यंत्र है।
जून में जल संकट गहराया और पार्टी पर चौतरफा हमले हो रहे थे, तब जल संकट के मुद्दे पर उन्होंने भूख हड़ताल किया। उन्होंने हरियाणा पर आरोप लगाया कि दिल्ली का 100 मिलियन गैलन पानी रोजाना चोरी हो रहा है। जब केजरीवाल जेल में थे, तब केजरीवाल ने जेल से एलजी को चिट्ठी लिखकर उनकी जगह स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में आतिशी को झंडा फहराने की सिफारिश की थी। हांला कि एलजी ने आप नेता कैलाश गहलोत को तिरंगा फहराने की इजाजत दी।
इसके अलावा मनीष सिसोदिया जिस सरकारी आवास में रहते है, वो भी आतिशी के नाम पर आवंटित है। आतिशी आप के स्थापना के समय से जुड़ी है। वे 7 साल तक मध्य प्रदेश के एक गांव में रही। जहां उन्होने ऑर्गेनिक फार्मिंग और एजुकेशन सिस्टम पर काम किया। फिलहाल वो दिल्ली के कालकाजी सीट से विधायक है।

