किरण राव की फिल्म ‘लापता लेडीज’ इन दिनों ऑस्कर में नॉमिनेशन को लेकर चर्चा में है। इस फिल्म में दुबे जी का किरदार निभाने वाले एक्टर दुर्गेश कुमार अपनी बेहतरीन अभिनय के लिए जाने जाते हैं। इम्तियाज अली के फिल्म ‘हाईवे’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाले दुर्गेश हमसे अपनी खुशी शेयर करते हैं।

लापता लेडीज को ऑस्कर के लिए नॉमिनेट किया गया है, पहला रिएक्शन क्या था?
- मैं भुवनेश्वर में एक इवेंट अटेंड कर वापस मुंबई आ रहा था। फ्लाइट से उतरते ही मैं अनुराग कश्यप जी की एक मूवी का एक्शन रिहर्सल करने डायरेक्ट सेट चला गया। वहीं सेट पर मुझे पता चला कि ये फिल्म ऑफिशियल गई है। सुनते ही मुझे बहुत खुशी हुई कि उसमे मेरा भी एक इंपोर्टेंट पार्ट है। संयोग की बात है कि कुछ दिन पहले ही मैंने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर मुझे मौका मिले, तो मैं ऑस्कर में भी फिल्म ले जाऊंगा और ये बात ऐसे सच होगी, यह नहीं सोचा था।
क्या सपोर्टिव किरदारों को भी इस तरह की अचीवमेंट का फायदा मिलता है?
- जी बिल्कुल, पूरे मार्केट में खबर है कि दुर्गेश भी इस मूवी में थे, जो ऑस्कर के लिए गई है। वहीं मैंने कई इंटरव्यू किए, जिसमें पत्रकारों ने भी मुझे बोला कि हमें इस फिल्म में आपका दुबे जी का कैरेक्टर बहुत पसंद है। लोग अब साइड के किरदारों को भी तवज्जों देते हैं। उनकी भी अब तो प्रमोशन होती है। ऐसे ही मौके मिलते हैं।
क्या एक्टर को कमर्शियली भी फायदा होता है?
- जी हां, कमर्शियली भी काफी फायदा होता है। मतलब एक एक्टर के तौर पर आपका कॉन्फिडेंस बढ़ता है। आप अपनी फीस पर भी बात करते हैं। नहीं भी करें, तो सामने वाला इस तरह की अचीवमेंट्स को देखकर प्रति दिन के हिसाब से पेमेंट भी बढ़ा देता है। लोग थोड़ा आपको लेकर सोचने लगते हैं। जैसे मुझे अब बहुत सारा काम मिल रहा है। मेकर्स भी फिल्म में की-रोल के लिए आपको हायर करने लगते है।
कितने साल का स्ट्रगल रहा आपका?
- टोटल अगर में आपको बताऊं तो, मैं वैसे स्ट्रगल नहीं बोलता लेकिन स्ट्रगल तो है ही। हालांकि मैं इसने अभी भी लर्निंग के रूप में ही लेता हूं। मैं अपने आपको एक्टिंग स्टूडेंट ही मानता हूं। मुझे इस फील्ड में आए तकरीबन 25 साल तो हो ही गए होंगे। मैंने पहला प्ले 6 फरवरी 2002 में किया था और अभी 31 मई 2024 में मेरी फिल्म डेढ़ बीघा जमीन, जियो सिनेमा पर आई है। बस यही सिलसिला चल रहा है।
आपकी आपके टीम से बातचत या बधाई संदेश हुई
- जी नहीं। मेरी सिर्फ रवि किशन जी से थोड़ी बहुत बातचित वॉट्सऐप पर होती है। तो वहीं पर उन्होंने बधाई दी।
अब अपनी मूवी के लिए प्राइस बढ़ाएंगे आप?
- मेरा यह कहना है कि मैं जेनुइनली मिनिमम जो प्राइस होता है। या बोल सकते हैं, जो मेहनताना, मुझे मेरे 25 साल के एक्सपीरियंस को मिलना चहिए, वो तो जरूर डिमांड करूंगा।
क्या अब भी लगता है कि फीस के तौर पर आपको जीतना मिलना चाहिए, उतना आपको नहीं मिला?
- जी है ये तो थोड़ा सा है…निर्देशक, कास्टिंग डायरेक्टर ये सब मुझ सपोर्ट करते हैं, लेकिन प्रोड्यूसर्स मुझपर भरोसा नहीं दिखा पा रहे हैं, और यही वजह भी है कि फीस मेरी लिमिटेड होती है। ये बात मुझे बहुत खराब लगती है। खैर, अपना भी वक्त आएगा…

