लखनऊ। पैगंबर के खिलाफ पुजारी यति नरसिंहानंद की टिप्पणी को लेकर चल रहे विवाद के बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को वाराणसी में एक समारोह में भाषण के दौरान कहा, कि किसी भी धर्म या संप्रदाय के देवी-देवताओं, महापुरुषों या संतों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस तरह का व्यवहार करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
आपत्तिजनक टिप्पणी
गाजियाबाद के पुजारी यति नरसिंहानंद ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद बड़े पैमाने पर विवाद खड़ा कर दिया था। आदित्यनाथ ने एक बयान में कहा, “हर नागरिक को महापुरुषों के प्रति अच्छी भावना रखनी चाहिए, लेकिन इसे किसी पर थोपा नहीं जा सकता।” पीटीआई ने सीएम के हवाले से कहा “यदि कोई भी व्यक्ति महापुरुषो, देवताओं या किसी भी धर्म की मान्यताओं का अनादर करता है, तो उसे कानूनी परिणाम और गंभीर सजा का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, यह आवश्यक है कि सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे का सम्मान करें।”
कोई भी कानून को हाथ में लेने की कोशिश न करें- योगी आदित्यनाथ
इस भाषण में उन्होंने कहा कि “कुछ वर्ग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ टिप्पणी करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। वे हिंदू धर्म के मूल सिद्धांतों का अपमान करते हैं और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा, ‘अक्सर जब कोई घृणा व्यक्त करता है, तो अशांति पैदा करने के लिए इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का प्रयास किया जाता है।’ योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘किसी को भी कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने वालों को सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे। जो कोई भी अव्यवस्था को बढ़ावा देगा, उसके खिलाफ कानून सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बंगाल में त्योहारों की दशा
योगी जी ने शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा और अनुष्ठान के महत्व को बताया और पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा, ‘बंगाल वह धरती है जिसने हमें राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत दिए और देश की बौद्धिक नींव रखी। बंगाल के कई महान देश भक्तों ने भारत की स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान दिया है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘बंगाल ने रामकृष्ण परमहंस, जगदीश चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद,नेताजी सुभाष चंद्र बोस, स्वामी प्रणवानंद और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे भारत माता के सपूत दिए हैं। लेकिन, आज बंगाल में क्या हो रहा है? वहां के लोगों को अपने त्योहार मनाने से पहले दो बार सोचना पड़ता है। जबकि उत्तर प्रदेश में सभी त्योहार बड़े उत्साह और निडरता के साथ मनाए जाते हैं, और इन कार्यों में बाधा डालने वालों की हर कोशिश से तुरंत निपटा जाता है। लेकिन जिस बंगाल से मां भगवती के अनुष्ठान शुरू होते हैं, जो पूरे जगत की जननी मानी जाती हैं वहां आज सनातन धर्म असहाय और असुरक्षित नजर आ रहा है।
भाजपा विधायक की धमकी
इस बीच, भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने प्रदर्शनकारियों को धमकी दी कि अगर उन्होंने यूपी में विरोधक नारे लगाने की कोशिश की तो उन्हें “इजराइल का स्वाद” चखना पड़ेगा। त्रिपाठी ने 6 अक्टूबर को एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “यहां बाबा साहब के संविधान के जरिए इलाज होगा, न कि शरिया के जरिए, और वह भी उचित तरीके से…तो रोना मत।”

