RANCHI: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद आदित्य साहू ने रविवार को प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर हेमंत सरकार के द्वारा 100 करोड़ से ज्यादा की लागत का मुख्यमंत्री आवास के निर्माण कराने का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि खुद को गरीबों की सरकार का अगुआ कहने वाले मुख्यमंत्री जी 100 करोड़ का जो शीश महल बना रहे हैं,वह झारखंड के आदिवासी मूलवासी जनता की गाढ़ी कमाई की फिजूल खर्ची है। इस संबंध में भवन विभाग ने टेंडर जारी किया है, जिसकी कुल लागत 67 करोड़ की है। इसमें इंटीरियर और फर्नीचर का खर्च नहीं जोड़ा गया है। बनते-बनते इसकी लागत 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा होगी। शीश महल का टेंडर 2 अप्रैल को वेबसाइट पर अपलोड होगा। 29 अप्रैल टेंडर जमा करने की आखिरी तिथि होगी। वहीं 30 अप्रैल को शीश महल का टेंडर खुलेगा। 8 अप्रैल को प्री बीड बैठक होगी।
शीश महल में फिजूल खर्ची
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुगल काल के बादशाहों की तरह शासन कर रहे हैं। शीश महल में फिजूल खर्ची ऐसी है कि दो करोड़ का फव्वारा, ढाई करोड़ का गार्डन बनेगा। मुख्य बैठक खाने में शीशे का आलीशान ड्राइंग रूम होगा। जिसका शीशा विदेश से मंगाया जा रहा है। भवन में लगाए जाने वाले टाइल्स को इटली से मंगाया जाएगा। इसके अलावा भवन में आधुनिक जकूजी, सोना बाथ और मसाज रूम पर भी करोड़ों रुपए खर्च किए जाएंगे।
सड़क पर उतरेंगे भाजपा कार्यकर्ता
आदित्य साहू ने कहा कि कैग की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के अरविंद केजरीवाल का शीश महल शुरुआत में लगभग 8.30 करोड़ रुपयों का था। बाद में विलासिता की चीजों को जोड़ते हुए यह 33.66 करोड़ रुपयों का हो गया यानि 342% की वृद्धि। हेमंत जी का शीश महल तो केजरीवाल के शीश महल से भी लगभग तीन गुना से ज्यादा अभी ही महंगा है। उन्होंने कहा कि राज्य में गरीबों को अबुआ आवास, वृद्धा पेंशन, धान की खरीद का भुगतान नहीं मिल रहा। लेकिन सीएम साहब अपने लिए शीश महल बनवा रहे। भाजपा शीश महल का कड़ा विरोध करती है। झारखंडियों के खून पसीने की कमाई शीश महल में नहीं लगने देगी। अगर मुख्यमंत्री शीश महल के अपने शौक को नहीं छोड़ते है तो भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर इसका प्रजातांत्रिक तरीके से विरोध करेगा।
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