चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव थाना क्षेत्र में दहेज नहीं मिलने पर पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने दो भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम, चाईबासा की अदालत ने दोनों दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
2020 में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला मझगांव थाना कांड संख्या 31/2020 से जुड़ा है। 29 नवंबर 2020 शोएब उर्फ शेफ और मो. मेराज, पिता मो. रामजन, निवासी थाना मझगांव, के विरुद्ध शाहजहां परवीन की गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगा था। दोनों के खिलाफ धारा 304 (बी)/ 34 भा.द.वि. और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हुई सजा
अनुसंधान के क्रम में चाईबासा पुलिस ने आरोपी मो. शोएब उर्फ शेफ और मो. मेराज को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। पुलिस ने सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से संग्रह कर माननीय न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
धारा दहेज हत्या के मामले में दोषी करार
10 जून 2026 को माननीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा की अदालत ने दोनों आरोपियों को धारा 302 भा.द.वि. में दोषी करार दिया। कोर्ट ने मो. शोएब उर्फ शेफ और मो. मेराज को आजीवन कारावास तथा दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। पुलिस की प्रभावी पैरवी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दहेज हत्या के इस गंभीर मामले में त्वरित न्याय मिला है। इस फैसले से जिले में दहेज उत्पीड़न के मामलों पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

