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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र के पहले दिन जमकर हंगामा, कार्यवाही कल 11 बजे तक स्थगित

हंगामा करनेवाले कांग्रेस और लेफ्ट के वविधायकों का आरोप था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह वक्फ संशोधन विधेयक के पक्ष में हैं या विपक्ष में। इस मुद्दे पर अपनी स्थिति साफ करनी होगी।

by Rakesh Pandey
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पटना: बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र की औपचारिक शुरुआत सोमवार को हुई, जो कि हंगामेदार रही। पहले दिन नवनिर्वाचित चार विधायकों अशोक कुमार सिंह, दीपा मांझी, मनोरमा देवी और विशाल प्रशांत ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने कार्य मंत्रणा समिति का गठन किया। शोक प्रस्ताव पढ़ने के बाद, स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया। इसके पहले वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर लेफ्ट और कांग्रेस के विधायकों ने विरोध प्रदर्शन किया।

पांच दिनी सत्र में पेश किए जाने हैं कई विधेयक

बिहार विधानसभा का यह शीतकालीन सत्र छोटा है, जो केवल पांच दिनों तक चलेगा। सरकार ने इस सत्र के दौरान कई विधेयक पेश करने की योजना बनाई है और विभिन्न विधायी कार्य भी संपन्न कराए जाएंगे। 26 और 27 नवंबर को राजकीय कार्य और विधायक की कार्यवाही की जाएगी। 28 नवंबर को द्वितीय अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी, जिसे सरकार सदन से पास कराएगी। इस सत्र का अंतिम दिन 29 नवंबर को होगा जब गैर सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी।

वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर हुआ हंगामा

शीतकालीन सत्र की शुरुआत में ही विधानसभा में जबर्दस्त हंगामा देखने को मिला। खासकर वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर लेफ्ट और कांग्रेस के विधायकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इन विधायकों का आरोप था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह इस विधेयक के पक्ष में हैं या विपक्ष में। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर अपनी स्थिति साफ करनी होगी। लेफ्ट के विधायकों ने यह भी मांग की कि विधानसभा में इस विधेयक के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया जाए। उनका आरोप था कि नरेंद्र मोदी की सरकार मुसलमानों पर हमला कर रही है जो कि उनके अनुसार, पूरी तरह से अनुचित है।

सत्र के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सत्र की सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से सहयोग की अपील की। शीतकालीन सत्र के दौरान सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं। विधानसभा और इसके आस-पास भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि कोई भी अप्रिय घटना ना हो और सत्र शांतिपूर्ण तरीके से चल सके।

एनडीए की धमाकेदार जीत

विधानसभा उपचुनाव के परिणामों ने भी सत्र की शुरुआत में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। हाल ही में हुए विधानसभा उपचुनाव में एनडीए को चारों सीटों पर जीत हासिल हुई है। रामगढ़ और तरारी में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की, जबकि बेलागंज में जनता दल यूनाइटेड और इमामगंज में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा ने विजय प्राप्त की। इस जीत ने सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए को राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत किया है।

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