रांची : झारखंड पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती बने कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह को अजरबैजान से गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हुई, जो झारखंड पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की लंबे समय से चल रही कोशिशों का परिणाम है। मयंक सिंह पर झारखंड के विभिन्न जिलों में 43 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें रंगदारी, धमकी, फायरिंग और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार मयंक सिंह की गिरफ्तारी इंटरपोल के सक्रिय सहयोग और रेड कॉर्नर नोटिस के माध्यम से संभव हुई। हालांकि पुलिस ने अभी औपचारिक पुष्टि नहीं की है, और झारखंड लाने के बाद इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
मयंक सिंह का असली नाम सुनील मीणा है, जो राजस्थान के अनूपगढ़ जिले के घड़ासान कस्बे का निवासी है। झारखंड पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई तब तेज की जब पतरातू के एक धमकी मामले में उसकी संलिप्तता सामने आई।
मयंक सिंह झारखंड के रांची, चतरा, लातेहार, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़ और पलामू जैसे जिलों में अपराधों का संचालन करता था। उस पर व्यवसायियों से रंगदारी मांगने, जेल अधिकारियों को धमकी देने, और कई अन्य संगीन मामलों में संलिप्त होने का आरोप है।
झारखंड एटीएस ने मयंक सिंह का पासपोर्ट रद्द करवा दिया था, क्योंकि वह मलेशिया में रहकर अपना गिरोह चला रहा था।
जांच में पता चला है कि मयंक सिंह कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी है। अमन साहू ने पुलिस को पूछताछ में इस बात का खुलासा किया था। मयंक सिंह का नाम झारखंड के व्यवसायियों को धमकी देने में कई बार सामने आया है।
गैंगस्टर को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने उम्मीद जताई है कि मयंक सिंह से पूछताछ में कई अन्य आपराधिक नेटवर्क और मामलों का खुलासा हो सकता है।
मयंक सिंह की गिरफ्तारी झारखंड पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, और इससे राज्य में संगठित अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
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