पटना: बीपीएससी (Bihar Public Service Commission) की 70वीं परीक्षा के री-एग्जाम की मांग को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और यह आंदोलन अब 12वें दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र रविवार को गांधी मैदान में पहुंच गए और बापू की प्रतिमा के नीचे जमकर नारेबाजी की। उनकी मुख्य मांग है कि बीपीएससी की परीक्षा फिर से करवाई जाए, क्योंकि छात्र इस परीक्षा के परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं।

रहमांशु सर के नेतृत्व में प्रदर्शन
यह आंदोलन शिक्षक रहमांशु सर के नेतृत्व में चल रहा है, जो अभ्यर्थियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। प्रदर्शन में छात्रों के साथ-साथ कुछ शिक्षक और अन्य सामाजिक संगठन भी शामिल हो गए हैं। गांधी मैदान में प्रदर्शनकारी छात्रों ने न केवल बीपीएससी के खिलाफ नारेबाजी की, बल्कि तिरंगा झंडा भी लहराया। कई छात्र, जन सुराज और एआईएसएफ जैसे संगठनों के सदस्य भी इस आंदोलन का समर्थन करने पहुंचे।
बैरिकेडिंग तोड़ी, गांधी मैदान में घुसे प्रदर्शनकारी
सभी प्रदर्शनकारियों ने गांधी मैदान में घुसने के लिए बैरिकेडिंग तोड़ दी। पुलिस ने गांधी मैदान के बापू पार्क के चारों ओर बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने रहमांशु सर के नेतृत्व में इन बैरिकेड्स को तोड़कर प्रतिमा के नीचे पहुंचने की कोशिश की। यह स्थिति तब बनी जब शिक्षकों का एक समूह, जिसमें रहमांशु सर भी शामिल थे, गांधी मैदान पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों के साथ गांधी के आदर्शों पर चलकर विरोध कर रहे हैं और इस आंदोलन को तब तक जारी रखेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
सरकार से मांग: बात मानो, प्रदर्शन खत्म कर देंगे
रहमांशु सर ने कहा, “बापू हमारे आदर्श रहे हैं और हम उनके मार्गदर्शन में अपनी मांगों को लेकर यहां बैठे हैं। अगर सरकार हमारी मांगों को स्वीकार करती है, तो हम यह प्रदर्शन समाप्त कर देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन छात्रों का है, और इसके नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि यह उनका अधिकार है कि वे अपनी मांगों के लिए आवाज उठाएं, और यह आंदोलन छात्रों की ताकत को दर्शाता है।
छात्रों ने आयोग का नाम बदला: ‘ब्रिटिश पब्लिक सर्विस कमीशन’
इस दौरान छात्रों ने बीपीएससी के खिलाफ एक खास विरोध जाहिर किया है। प्रदर्शनकारियों ने बीपीएससी का नाम बदलते हुए इसे ‘ब्रिटिश पब्लिक सर्विस कमीशन’ करार दिया। छात्रों का मानना है कि इस आयोग की कार्यप्रणाली पुराने ब्रिटिश शासन के समान है, जिससे आम भारतीयों का शोषण हो रहा है। इस विरोध के दौरान जन सुराज द्वारा अभ्यर्थियों के लिए बैनर और पोस्टर लगाए गए, जिसमें बीपीएससी को लेकर उनके विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त किए गए थे।
सियासी माहौल गर्म
बीपीएससी के खिलाफ चल रहे इस प्रदर्शन ने राज्य में सियासी माहौल को भी गर्म कर दिया है। छात्र नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन एक लोकतांत्रिक अधिकार है और छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। हालांकि, जिला प्रशासन ने गांधी मैदान में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन छात्रों ने अपनी ताकत दिखाते हुए यहां प्रदर्शन किया।

