लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपनी मां और चार बहनों की हत्या करने वाले अरशद का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पुलिस से हुई पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि वह इस जघन्य अपराध को सोशल मीडिया पर अपनी प्रसिद्धि के लिए अंजाम देना चाहता था। घटना के बाद, जब अरशद पुलिस के कब्जे में था, उसने इस हत्या के बाद बनाए गए वीडियो की सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया जानने की इच्छा जताई। उसने पुलिस से पूछा, ‘क्या सोशल मीडिया पर मेरे वीडियो को लेकर कोई प्रतिक्रिया आई है’।
मां और बहनों की हत्या के बाद वीडियो पोस्ट किया
अरशद ने अपनी मां आस्मा और चार बहनों आलिया (9), अल्शिया (19), अक्सा (16) और रहमीन (18) की बेरहमी से हत्या की। इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने दावा किया कि वह और उसका परिवार बदायूं में रहता था। वहां के कुछ स्थानीय लोग उन्हें परेशान कर रहे थे। अरशद ने आरोप लगाया कि ये लोग उनके घर पर कब्जा करना चाहते थे और उन्हें तरह-तरह से तंग कर रहे थे।
वीडियो में अरशद ने बताया कि वह और उसके परिवार के लोग अजमेर से लखनऊ पहुंचे थे और शरणजीत होटल में ठहरे थे। उसने यह भी कहा कि जब उसने पुलिस और स्थानीय नेताओं से मदद मांगी, तो कोई भी उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया। अरशद ने वीडियो में ये भी कहा कि अगर उसे कुछ हो जाता तो उसकी बहनें कहां जातीं, इसलिए उसने उन्हें मार डाला।
अरशद का व्यक्तिगत इतिहास और उसके द्वारा लगाए गए आरोप
अरशद आगरा के कुबेरपुर का रहने वाला था। उसने परिवार को लेकर पहले अजमेर का रुख किया और फिर लखनऊ आकर शरणजीत होटल में ठहरा लिया। 30 दिसंबर को वह अपने परिवार के साथ इस होटल के रूम नंबर-109 में रुका था। 1 जनवरी को उसने अपने पिता के साथ मिलकर अपनी मां और बहनों की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद, उसने वीडियो बनाकर खुद को इस वारदात का जिम्मेदार बताया और अपने मोहल्ले वालों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे उसके घर को छीनना चाहते थे।
अरशद ने कहा, ‘मैंने अपने परिवार को इसलिए मारा, क्योंकि अगर मुझे कुछ होता तो मेरी बहनें कहां जातीं’।उसने अपनी हत्या की योजना इस तरह से बनाई थी कि वह अपने परिवार को खुद ही मार कर एक तरह से इस दुनिया से निकल जाता। इसके बाद उसने वीडियो के जरिए अपनी बातें और अपनी सफाई सोशल मीडिया पर साझा की।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
अरशद के द्वारा किए गए इस हत्याकांड को लेकर पुलिस ने गहरी जांच शुरू की है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी है और इसके साथ ही बदायूं पुलिस से भी इस मामले में जानकारी जुटाई जा रही है। अरशद का दावा है कि उसने पुलिस और नेताओं से मदद मांगी थी, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बावजूद, पुलिस अरशद के आरोपों की पुष्टि कर रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो का महत्व
अरशद के द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि वह सोशल मीडिया पर अपनी ग़लत हरकतों को लेकर उकसावे और ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहा था। यह घटना सोशल मीडिया के प्रभाव को भी उजागर करती है, जहां लोग अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को साझा करने के साथ-साथ, कभी-कभी अपराधों को बढ़ावा देने का काम भी कर सकते हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि जांच के दौरान वीडियो के कंटेंट और अरशद के उद्देश्यों को गहराई से खंगाला जाएगा।
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