नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की 54वीं बैठक के नतीजों का ऐलान करते हुए रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती का बड़ा निर्णय लिया है। इस कटौती के बाद रेपो रेट 6 प्रतिशत पर आ गया है। यह कटौती भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है और इसका असर आम जनता की जेब पर भी पड़ेगा। इस फैसले के बाद कार और घर की ईएमआई (EMI) में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
MPC की बैठक में कड़े वैश्विक हालात के बावजूद राहत का कदम
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने MPC के नतीजों का एलान करते हुए कहा कि वैश्विक आर्थिक टेंशन और व्यापार युद्ध के बावजूद केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि टैरिफ (Custom Tariffs) के कारण भारत के निर्यात में दबाव आ सकता है, लेकिन इसके बावजूद अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखने के लिए रेपो रेट में कटौती की गई है। इसके अलावा, MSF (Marginal Standing Facility) रेट को 6.5% से घटाकर 6.25% और SDF (Standard Deposit Facility) रेट को 6% से घटाकर 5.75% कर दिया गया है।
भारत की जीडीपी ग्रोथ पर RBI की भविष्यवाणी
आरबीआई गवर्नर ने इस वित्तीय वर्ष (FY26) के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान भी जाहिर किया है। इसके अनुसार, इस वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 6.5% रहने की संभावना जताई गई है, जबकि तीसरी तिमाही में यह 6.6% और चौथी तिमाही में 6.3% रहने का अनुमान है। इसके अलावा, महंगाई दर (Inflation Rate) को 4% के दायरे में रखने का अनुमान भी व्यक्त किया गया है। गवर्नर ने कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का जिक्र करते हुए कहा कि इसका फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।
Repo Rate में कटौती की लंबी राह
यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पिछले कुछ महीनों में की गई लगातार नीतिगत सुधारों का हिस्सा है। फरवरी 2025 में भी रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 0.25% घटाया था, जिससे यह 6.25% पर आ गया था। यह कटौती 5 साल बाद की गई थी, जब मई 2020 में आरबीआई ने रेपो रेट को कम किया था। इसके बाद से रेपो रेट को धीरे-धीरे बढ़ाया गया था और आखिरी बार फरवरी 2023 में इसकी बढ़ोतरी की गई थी।
RBI के फैसले से आम आदमी को मिलेगा फायदा
रेपो रेट में कटौती का सबसे बड़ा फायदा आम आदमी को मिल सकता है। विशेषकर कार और घर की ईएमआई में कमी आ सकती है, जिससे उन लोगों को राहत मिलेगी, जिन्होंने उच्च ब्याज दरों पर लोन लिया था। यह कटौती अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन देने का काम करेगी, क्योंकि इससे लोन की लागत में कमी आएगी, जिससे उपभोक्ताओं की खरीदारी क्षमता बढ़ेगी और बाजार में मांग में सुधार हो सकता है।
5 साल बाद तोहफे पर तोहफा
बता दें कि इससे पहले फरवरी में हुई MPC Meeting में रिजर्व बैंक ने बड़ा फैसला लेते हुए पांच साल के लंबे अंतराल के बाद रेपो रेट में कटौती (RBI Repo Rate Cut) की थी और इसे 25 बेसिस पॉइंट घटा दिया था। इसके बाद रेपो रेट घटकर 6.25 फीसदी हो गया था. इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मई 2020 में रेपो रेट घटाया था। हालांकि उसके बाद धीरे-धीरे बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया था. आखिरी बार रेपो रेट में बढ़ोतरी फरवरी 2023 में की गई थी।

