पटना : बिहार की राजनीति में गुरुवार को दो समानांतर घटनाओं ने हलचल मचा दी। एक ओर राजधानी पटना में महागठबंधन की अहम बैठक हुई, जहां विपक्षी दल 2025 विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर राजद विधायक और बाहुबली नेता रीतलाल यादव ने दानापुर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर जेल में प्रवेश किया। इसी मुद्दे को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है।
जेडीयू प्रवक्ता का तेजस्वी पर तंज
JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि ‘माननीय तेजस्वी जी, कैसा लगा सुशासन का सौगात? एक तरफ महागठबंधन की बैठक… और दूसरी तरफ आपके ‘राजनीतिक रत्न’ का जेल में गृह प्रवेश!’ उन्होंने आगे कहा कि ‘यही है सुशासन का राज, जिसमें चाहे कोई भी हो, कानून से नहीं बच सकता। अपराध करने वाले पर कानून का “कील ठोक” दिया जाता है’।
रीतलाल यादव पर लगे हैं गंभीर आरोप
राजद विधायक रीतलाल यादव पर एक प्रमुख बिल्डर ने रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद रीतलाल यादव ने बुधवार को दानापुर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। उनके साथ उनके भाई ने भी सरेंडर किया है।
जेडीयू ने कहा – ये तो शुरुआत है
नीरज कुमार ने दावा किया कि यह तो आरजेडी की शुरुआत मात्र है। पार्टी के अन्य कई विधायकों पर भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, और भविष्य में उनपर भी कार्रवाई होगी। अपराधी चाहे किसी दल, धर्म या जाति का हो, बिहार में कानून का ‘वज्रपात’ तय है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि में आई तीखी बयानबाजी
गौरतलब है कि गुरुवार को ही महागठबंधन की पहली औपचारिक बैठक हुई, जिसमें राजद, कांग्रेस, वाम दल और वीआईपी जैसे घटक दलों ने सीट शेयरिंग और मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर चर्चा की। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच रीतलाल यादव का सरेंडर और जेडीयू का हमला, बिहार में राजनीतिक टकराव को और गहरा करता दिख रहा है।

