Khunti (Jharkhand) : झारखंड के खूंटी जिले के मनोरम पेरवांघाघ जलप्रपात में रविवार को एक दुखद घटना घटी, जब रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) के चार छात्र नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। इस हादसे में अभिषेक माइकल खलखो (24) नामक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची भेजा गया है।

पिकनिक बना मातम, चार छात्र बहे पानी में
मिली जानकारी के अनुसार, रिम्स के कुल 26 मेडिकल छात्र रविवार को पेरवांघाघ जलप्रपात में पिकनिक मनाने के लिए आए थे। उत्साहित छात्र जलप्रपात के पास बह रही नदी में नहाने उतर गए। नहाने के दौरान अचानक अभिषेक माइकल खलखो, कीर्तिबर्द्धन मुंडा, जासुआ टोप्पो और अजय मोदी अनजाने में नदी के गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।
अपने साथियों को डूबता देख, किनारे पर मौजूद अन्य छात्रों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए उन्हें किसी तरह पानी से बाहर निकाला। पानी से निकाले जाने के बाद अभिषेक माइकल खलखो की हालत बेहद गंभीर थी। आनन-फानन में उसे तोरपा स्थित रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत सदर अस्पताल खूंटी रेफर कर दिया।
रांची रेफर, चिकित्सकों की टीम पहुंची खूंटी
घटना की सूचना मिलते ही रिम्स प्रशासन हरकत में आया और कई विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम तुरंत खूंटी रवाना हुई। सदर अस्पताल खूंटी पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने अभिषेक माइकल खलखो की अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल रिम्स, रांची रेफर कर दिया, ताकि उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। अभिषेक माइकल रिम्स में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था और अपने साथियों के साथ छुट्टी का आनंद लेने पेरवांघाघ आया था।
वहीं, पानी में डूबे अन्य तीन छात्रों – कीर्तिबर्द्धन मुंडा, अजय मोदी और जासुआ टोप्पो – का इलाज तोरपा के रेफरल अस्पताल में ही किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि इन तीनों छात्रों की स्थिति फिलहाल सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं।
इस दुखद घटना ने पेरवांघाघ जलप्रपात पर मातम का माहौल पैदा कर दिया है। पिकनिक मनाने आए छात्रों के साथ हुए इस हादसे ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ले रही है और आगे की आवश्यक कार्रवाई में जुट गई है। यह घटना जलप्रपातों और अन्य जलाशयों के आसपास सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर एक बार फिर जोर देती है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

