कोडरमा (झारखंड): झारखंड के कोडरमा जिले स्थित तिलैया डैम की जवाहर घाटी इन दिनों एक खतरनाक ट्रेंड का गवाह बनती जा रही है। यहां युवाओं का एक वर्ग रेलवे ट्रैक और ब्रिज पर खड़े होकर रील्स और सेल्फी बना रहा है, जो कि कभी भी जानलेवा हादसे में तब्दील हो सकता है।
ट्रेनों की आवाजाही के बीच जानलेवा करतब
इस क्षेत्र से होकर कोडरमा-हजारीबाग टाउन रेल लाइन गुजरती है, जहां से मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर ट्रेनें और वंदे भारत जैसी हाई स्पीड ट्रेनें भी संचालित होती हैं। बावजूद इसके, युवा रेलगाड़ी की पटरियों और पुलों पर फोटो और वीडियो शूट करते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थान रेलवे सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र है और इस तरह की हरकतें गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं।
हादसों को दे रहे निमंत्रण, जिम्मेदारी कौन लेगा?
रेलवे ट्रैक के नीचे बहता तिलैया डैम का गहरा पानी और ऊपर तेज रफ्तार से गुजरती ट्रेनें, यह दृश्य किसी भी दुर्घटना के लिए पर्याप्त है। ऐसे में अगर कोई ट्रेन अचानक आ जाए तो इन युवाओं के पास भागने का भी विकल्प नहीं बचता। जानकारों का कहना है कि यह ‘डबल रिस्क ज़ोन’ है– एक ओर ट्रेन और दूसरी ओर डैम का पानी।
गर्मी की छुट्टी में पर्यटकों की भीड़, लेकिन सुरक्षा इंतजाम नहीं
गर्मी की छुट्टियों के चलते पर्यटक और स्थानीय युवा बड़ी संख्या में तिलैया डैम पहुंच रहे हैं। प्राकृतिक सौंदर्य के बीच सोशल मीडिया पर दिखने की चाहत उन्हें खतरनाक स्थानों तक खींच रही है। वहीं कोई सुरक्षाकर्मी या चेतावनी बोर्ड इन स्थानों पर मौजूद नहीं है, जिससे लापरवाही और भी बढ़ रही है।
आरपीएफ की चेतावनी – ट्रैक पर चढ़े तो होगी कानूनी कार्रवाई
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए हजारीबाग टाउन रेलवे स्टेशन के आरपीएफ प्रभारी उदय शंकर ओझा ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति सेल्फी या रील्स बनाने के लिए रेलवे ट्रैक पर चढ़ेगा, उनके विरुद्ध रेल अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा- “रेलवे ट्रैक सेल्फी या वीडियो शूट के लिए नहीं बना है। यह जानलेवा हो सकता है। कृपया अपनी और दूसरों की जान जोखिम में न डालें।

