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Bihar Land for Job Scam: लालू यादव की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, ईडी के पूरक आरोप पत्र पर कोर्ट लेगी संज्ञान

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद तेज प्रवर्तन निदेशालय की सक्रियता बढ़ गई है और अब 3 जून को इस मामले में होने वाली सुनवाई पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।

by Reeta Rai Sagar
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नई दिल्ली/पटना: Bihar Land for Job Scam: बिहार के बहुचर्चित जमीन के बदले नौकरी घोटाले में राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ने वाली हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दायर पूरक आरोप पत्र पर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट अब 3 जून 2025 को संज्ञान ले सकती है।

आदेश सुरक्षित, अगली सुनवाई की तारीख तय
इस मामले की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने आदेश को सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय की। यह निर्णय ईडी द्वारा पेश किए गए ताजा पूरक आरोप पत्र के आधार पर लिया गया है, जिसमें लालू यादव समेत कई अन्य आरोपियों के नाम शामिल हैं।

क्या है नौकरी के बदले जमीन घोटाला
यह मामला यूपीए सरकार के दौरान का है, जब लालू यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि इस दौरान कई लोगों को रेलवे में नौकरी देने के बदले उनके परिवार से बेशकीमती जमीन बेहद कम दामों में ली गई। इस घोटाले में यादव परिवार पर सरकारी पद के दुरुपयोग, रिश्वत, और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ईडी फिर एक्शन मोड में
ईडी ने 6 अगस्त 2024 को इस घोटाले में लालू यादव, उनके बेटे व तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, और अन्य आरोपियों के खिलाफ पहला पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था। लेकिन इस पर संज्ञान नहीं लिया जा सका था क्योंकि लालू यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी थी। अब जब राष्ट्रपति ने गृह मंत्रालय के माध्यम से अभियोजन की मंजूरी दे दी है, तो ईडी फिर से एक्शन मोड में आ गई है। इसी आधार पर अब 3 जून को कोर्ट इस पूरक चार्जशीट पर विचार कर सकती है।

पूरक आरोप पत्र में शामिल हैं ये नामी चेहरे
Supplementary Chargesheet: इस ताजा पूरक आरोप पत्र में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें ललन चौधरी, हजारी राय, धर्मेंद्र कुमार, अखिलेश्वर सिंह, रविंदर कुमार, स्वर्गीय लाल बाबू राय, सोनमतिया देवी, स्वर्गीय किशुन देव राय, और संजय राय शामिल हैं। गौरतलब है कि इस मामले में पहले ही राबड़ी देवी, मीसा भारती और हेमा यादव समेत कई अन्य यादव परिवार के सदस्यों को आरोपी बनाया जा चुका है। हालांकि इन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन ईडी की जांच जारी है।

कोर्ट में पेश हुए वकील
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान ईडी की तरफ से विशेष लोक अभियोजक मनीष जैन कोर्ट में मौजूद थे, जबकि लालू प्रसाद यादव की ओर से अधिवक्ता अखिलेश सिंह रावत पेश हुए।

क्यों है यह मामला अहम?

• यह घोटाला राजनीति, प्रशासन और भ्रष्टाचार की जटिल परतों को उजागर करता है।
• लालू परिवार की राजनीतिक विरासत और आगामी बिहार चुनावों में इसका गहरा असर हो सकता है।
• ईडी की यह चार्जशीट और कोर्ट की प्रतिक्रिया आने वाले समय में यादव परिवार की कानूनी रणनीति पर असर डालेगी।
3 जून को इस मामले में होने वाली सुनवाई पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। अगर कोर्ट आरोप पत्र पर संज्ञान लेती है, तो लालू यादव और उनके परिवार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

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