

जमशेदपुर : झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा-2023 (JPSC) का परिणाम एक बार फिर अटक गया है। विभिन्न स्तरों से हो रही जांच की मांग और अनुशंसाओं के चलते रिजल्ट के प्रकाशन में लगातार विलंब हो रहा है। ताजा घटनाक्रम में राज्य सरकार ने भी जेपीएससी को पत्र लिखकर कथित अनियमितताओं पर विस्तृत प्रतिवेदन मांगा है। सरकार ने जेपीएससी को इस मामले में बिंदुवार जवाब देने का सख्त निर्देश दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री की शिकायत पर राज्यपाल ने भी दिया था जांच का आदेश
गौरतलब है कि इससे पहले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की शिकायत राज्यपाल से की थी। राज्यपाल ने इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जेपीएससी को नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही राजभवन ने राज्य सरकार को भी एक पत्र लिखकर जेपीएससी की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में अनियमितता की मिली शिकायतों की गहन जांच कराने की अनुशंसा की थी।

कार्मिक विभाग ने भी जेपीएससी से मांगा बिंदुवार जवाब
राजभवन की इस महत्वपूर्ण अनुशंसा और अभ्यर्थियों की लगातार आ रही शिकायतों के बाद राज्य के कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने भी जेपीएससी से इस पूरे मामले पर बिंदुवार जांच प्रतिवेदन तलब किया है। कार्मिक विभाग द्वारा इस संबंध में जेपीएससी को औपचारिक पत्र भी भेजा जा चुका है।

इंटरव्यू और मेडिकल जांच हो चुकी है पूरी
यहां यह उल्लेखनीय है कि जेपीएससी 11वीं से 13वीं मुख्य परीक्षा में सफल हुए 864 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार पहले ही आयोजित कर चुका है। इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों और उनकी मेडिकल जांच की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। अब इन सभी प्रक्रियाओं के बाद जेपीएससी को अंतिम परीक्षाफल का प्रकाशन करना है, जिसका लाखों अभ्यर्थी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
जांच की मांग के चलते रिजल्ट प्रकाशन में हो रहा विलंब
सूत्रों की मानें तो जेपीएससी ने अंतिम परीक्षाफल के प्रकाशन की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हालांकि, विभिन्न स्तरों से लगातार जांच की मांग और जांच कराने की अनुशंसा के कारण जेपीएससी फिलहाल परीक्षाफल प्रकाशित करने के लिए उचित समय नहीं मान रहा है। उन्हें डर है कि यदि जांच में कुछ अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो परिणाम को रद्द भी किया जा सकता है, जिससे और अधिक जटिल स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है याचिका, अभ्यर्थी डबल बेंच जाने की तैयारी में
इससे पहले, परीक्षा में कथित उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में अनियमितता को लेकर अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था। लेकिन हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के कारण भी जेपीएससी के परीक्षाफल का प्रकाशन काफी हद तक प्रभावित हुआ। अब खबर है कि याचिकाकर्ता अभ्यर्थी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए डबल बेंच में जाने की तैयारी कर रहे हैं। इन सभी घटनाक्रमों के बीच जेपीएससी-2023 का परिणाम लगातार लटकता जा रहा है, जिससे अभ्यर्थियों का इंतजार और भी लंबा होता जा रहा है।
