

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात‘ के 124वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। यह कार्यक्रम साल 2014 में शुरू हुआ था और आज यह अपने खास पड़ाव पर पहुंचा। संसद के मानसून सत्र के बीच और हाल ही में मालदीव यात्रा से लौटने के बाद यह पीएम मोदी का पहला बड़ा सार्वजनिक संदेश था, जिस पर देशभर की नजरें टिकी थीं।

शुभांशु की स्पेस से वापसी पर देश को गर्व
कार्यक्रम की शुरुआत पीएम मोदी ने अंतरिक्ष से लौटे शुभांशु शुक्ला के ज़िक्र से की। उन्होंने कहा कि,जैसे ही शुभांशु अंतरिक्ष से लौटे, पूरे देश में गर्व और खुशी की लहर दौड़ गई। यह हम सभी के लिए गौरव की बात है।उन्होंने बताया कि चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद से बच्चों और युवाओं में अंतरिक्ष को लेकर नई रुचि जागी है। अब बच्चे खुद कहते हैं – हमें भी स्पेस में जाना है।

बच्चों में बढ़ी जिज्ञासा, स्टार्टअप को मिल रहा बढ़ावा
पीएम मोदी ने बताया कि ‘इंस्पायर मानक अभियान’ के तहत देशभर के स्कूलों से हर साल चुने गए बच्चों की संख्या चंद्रयान-3 के बाद दोगुनी हो गई है। इस योजना में हर स्कूल से 5 बच्चे अपने नए आइडिया लेकर आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्पेस सेक्टर में स्टार्टअप तेजी से बढ़ रहे हैं, और भारत इस क्षेत्र में दुनिया के सामने एक नई पहचान बना रहा है।

23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे मनाने की अपील
पीएम मोदी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि 23 अगस्त को ‘नेशनल स्पेस डे’ के तौर पर मनाएं। उन्होंने युवाओं से खासतौर पर कहा-आप स्पेस डे कैसे मनाएंगे, मुझे जरूर बताइए। नमो भारत एप पर मैसेज भेजें।
युवा भारत की नई उड़ान
पीएम मोदी ने पूरे संबोधन में देश के बच्चों और युवाओं की उपलब्धियों को सराहा और उन्हें वैज्ञानिक सोच की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज का भारत सिर्फ देखने वाला नहीं, दिशा दिखाने वाला देश बन रहा है।
