

Palamu (Jharkhand) : झारखंड के पलामू जिले में शुक्रवार को कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने जिला पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ‘पुलिसिया दमन’ के विरोध में इन संगठनों ने कचहरी मेन गेट को जाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की।

इस प्रदर्शन में भाकपा माले, जनसंग्राम मोर्चा, सामाजिक न्याय परिषद, झारखंड क्रांति मंच और ग्राम विकास शांति समिति रबदा जैसे संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे। उनके हाथों में तख्तियां और लाल झंडे थे। प्रदर्शनकारियों ने ‘पुलिसिया राज मुर्दाबाद’ और ‘सामंती पुलिस होश में आओ’ जैसे नारे लगाए।

कचहरी में हुई जनसभा, नेताओं ने उठाए सवाल
प्रदर्शन की शुरुआत भगत सिंह चौक से एक रैली के रूप में हुई, जो अम्बेडकर पार्क होते हुए कचहरी चौक पर पहुंची। यहां रैली एक विशाल जनसभा में बदल गई। सभा को कई प्रमुख नेताओं ने संबोधित किया, जिनमें बिरजू राम, सुषमा मेहता, बी.एन. सिंह, रविंद्र भुइयां, गुड्डू भुइयां, दिव्या भगत, अनीता देवी, जुगल पाल, शत्रुध्न शत्रु, विनोद सोनी, ईश्वरी महतो, बीरेंद्र राम, रामप्रसाद बौद्ध और रवि पाल शामिल थे।

पुलिस पर जमींदारों की तरह व्यवहार का आरोप
नेताओं ने आरोप लगाया कि पलामू पुलिस सामंतों और जमींदारों की तरह व्यवहार कर रही है। उन्होंने वकीलों, छात्र नेताओं और महिलाओं को थाने के अंदर पीटने, दलितों और गरीबों पर बर्बर हमला करने, और बालू माफियाओं को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप लगाए। सभा से यह ऐलान किया गया कि पलामू की जनता अब किसी भी तरह के ‘पुलिसिया राज’ को बर्दाश्त नहीं करेगी। नेताओं ने कहा कि बाबा साहेब अम्बेडकर के संविधान ने हर नागरिक को सम्मान और बराबरी का अधिकार दिया है, और अगर पुलिस इसे कुचलने की कोशिश करेगी, तो जनता सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेगी।
