Ranchi : झारखंड में अपराध नियंत्रण और विधि व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जमशेदपुर के मानगो को नया पुलिस अनुमंडल बनाने की स्वीकृति मिल गई है। सोमवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समिति की बैठक में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रस्ताव पर निर्णय लिया गया। अब मानगो को नया पुलिस अनुमंडल बनाया जाएगा। इससे मानगो में अपराध में कमी आएगी। अभी मानगो में अपराध का ग्राफ काफी ऊंचा है। इस इलाके में गुंडई और बदमाशी चरम पर है।

वर्तमान हालात में पुलिस बदमाशी पर लगाम नहीं लगा पा रही है। आपराधिक तत्वों की पहुंच पुलिस तक है जिससे थाने पर पीड़ितों की नहीं सुनी जाती। कुछ ऐसे थाने हैं जहां केस नहीं दर्ज हो रहे हैं। यहां पीड़ितों पर ही दबाव बना कर केस खत्म कराया जा रहा है। बदमाशों की पैरवी में माफिया पहुंच रहे हैं। इससे इलाके में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं।
बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य के डीजीपी को निर्देश दिया कि सभी जिलों की आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे अपराध ग्राफ, उसके ट्रेंड, वर्तमान संसाधन और आगे की जरूरतों का सटीक डाटा उपलब्ध होगा। इससे अपराध रोकथाम के लिए संसाधनों का बेहतर बंटवारा सुनिश्चित किया जा सकेगा।
पूर्वी सिंहभूम जिले में फिलहाल जमशेदपुर (मुख्यालय) और पटमदा पुलिस अनुमंडल कार्यरत हैं। लेकिन मानगो क्षेत्र, जिसमें उत्क्रमित थाना, आजादनगर और उलीडीह ओपी शामिल हैं, तेजी से बढ़ती जनसंख्या और अपराध की विविधता के कारण नए अनुमंडल की मांग महसूस की जा रही थी।
गृह सचिव वंदना डाडेल ने बताया कि मानगो में आर्थिक अपराध और नारकोटिक्स से जुड़े मामलों में वृद्धि हुई है, जिस पर नियंत्रण के लिए यह कदम आवश्यक है। डीजीपी अनुराग गुप्ता ने स्पष्ट किया कि नया अनुमंडल जमशेदपुर मुख्यालय और पटमदा अनुमंडल से क्षेत्रों को काटकर बनाया जाएगा।
बैठक में वित्त सचिव प्रशांत कुमार, कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो, राजस्व सचिव चंद्रशेखर, ग्रामीण विकास सचिव के श्रीनिवासन और आईजी नरेंद्र कुमार सिंह उपस्थित थे। उच्चस्तरीय समिति से सभी विभागीय मुद्दों पर सहमति मिलने के बाद मानगो पुलिस अनुमंडल के गठन पर मुहर लग गई।

