
पलामू : झारखंड के पलामू जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने लोगों को सदमे में डाल दिया है। यहां पड़वा स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) की वर्षों से बंद पड़ी राजहरा कोलियरी में एक युवक का शव फंदे से लटका मिला है। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को चौंकाया है, बल्कि बंद पड़ी खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने फिलहाल शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन यह मामला आत्महत्या है या हत्या, इसका खुलासा होना अभी बाकी है।
घटना का विवरण और जांच
मृतक की पहचान संजू चौहान उर्फ राजा (26) के रूप में हुई है, जो राजहरा कोठी गांव का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि युवक ने खदान में खड़ी एक पुरानी शावेल मशीन पर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही पड़वा थाना की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नीचे उतारा और कानूनी कार्रवाई के बाद एमएमसीएच (मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पड़वा थाना प्रभारी अंचित कुमार ने जानकारी दी कि घटना सोमवार सुबह की है। उन्होंने बताया कि मृतक के माता-पिता नहीं थे और वह पड़वा क्षेत्र में रहकर ही मजदूरी का काम करता था। पुलिस फिलहाल इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह खुदकुशी का मामला है या इसके पीछे कोई और वजह है।
खदान की सुरक्षा पर लापरवाही का आरोप
राजहरा कोलियरी पिछले 15 सालों से बंद पड़ी है। दुखद बात यह है कि इतने लंबे समय से बंद होने के बावजूद सीसीएल प्रबंधन ने इसकी सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। खदान पर न तो कोई सुरक्षाकर्मी तैनात है और न ही कोई गार्ड। इसके कारण यह लावारिस खदान असामाजिक तत्वों और आम लोगों के लिए एक खुला मैदान बन गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस खदान में सैकड़ों फीट की गहराई तक पानी भरा हुआ है, जो एक बड़ा खतरा है। उन्होंने बताया कि अक्सर बच्चे और ग्रामीण इस खतरनाक जगह पर नहाने और खेलने के लिए चले जाते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
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