
Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। बोड़ाम प्रखंड के धोबनी गांव में एक ही परिवार पर मलेरिया का बड़ा संकट आ पड़ा है। दो दिन पहले इसी परिवार की पांच वर्षीय बच्ची की मलेरिया से मौत हो चुकी है, जबकि अब परिवार के दो अन्य बच्चे एमजीएम अस्पताल में भर्ती होकर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, करीब तीन वर्षीय गौर सिंह की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे एमजीएम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। वहीं, उसके 12 वर्षीय भाई सुंदर सिंह का उपचार अस्पताल के शिशु वार्ड में चल रहा है। डॉक्टरों ने दोनों बच्चों में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि की है।
एमजीएम अस्पताल के शिशु वार्ड में फिलहाल जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए कुल पांच बच्चों का मलेरिया का इलाज किया जा रहा है। लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
शनिवार को जिले में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान 6,666 लोगों की मलेरिया जांच की गई। इस दौरान 64 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इनमें 50 मरीज पी. फाल्सीपेरम यानी ब्रेन मलेरिया से पीड़ित पाए गए, जबकि 13 मरीजों में पी. वाइवेक्स और एक मरीज में मिक्स मलेरिया की पुष्टि हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेन मलेरिया अत्यंत खतरनाक होता है और समय पर इलाज नहीं मिलने पर जानलेवा साबित हो सकता है। जिले के प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष निगरानी, त्वरित जांच, दवा वितरण और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, कंपकंपी, सिरदर्द या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और इलाज में देरी न करें।
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