रांची : राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा हवाई अड्डा में 15 जून को कुछ खास होने जा रहा है। यात्री सेवा दिवस पर यहां कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की ओर से आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से यात्रियों का स्वागत करने के साथ हवाई अड्डे की पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों और विकास यात्रा को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
हवाई अड्डा प्रशासन के मुताबिक, इस अवसर पर हवाई अड्डे पर आने वाले यात्रियों का पारंपरिक तरीके से तिलक, गुलाब और चॉकलेट देकर स्वागत किया जाएगा। यात्रियों के लिए विशेष सेल्फी प्वाइंट और फोटो बूथ भी स्थापित किए जाएंगे, जहां वे अपनी यात्रा की यादगार तस्वीरें ले सकेंगे। इससे यात्रियों को एक अलग और सुखद अनुभव प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करना तथा झारखंड की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है।
झारखंड की समृद्ध संस्कृति की दिखेगी झलक
मौके पर झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी। प्रसिद्ध छऊ नृत्य की प्रस्तुति के साथ स्थानीय कला,हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इससे देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और लोककला से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
इस दौरान सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। हवाई अड्डा परिसर में स्वास्थ्य जांच शिविर और रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें यात्री, कर्मचारी और आम नागरिक भाग ले सकेंगे। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता और जनसेवा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विमानपत्तन निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि यात्री सेवा दिवस केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि यात्रियों को बेहतर,सुरक्षित और आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराने की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। आने वाले समय में भी हवाई अड्डा प्रबंधन यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार और सेवा गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार कार्य करता रहेगा।
एक दशक में दर्ज की है उल्लेखनीय प्रगति
उल्लेखनीय है कि एक दशक में बिरसा मुंडा हवाई अड्डा ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्ष 2014-15 में जहां इस हवाई अड्डे का उपयोग लगभग 6.5 लाख यात्री प्रतिवर्ष करते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 27 लाख वार्षिक हो गई है। यात्रियों की संख्या में यह वृद्धि झारखंड में बढ़ती हवाई कनेक्टिविटी,आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन विकास का संकेत मानी जा रही है।
हवाई अड्डे की आय में भी लगातार वृद्धि देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2023-24 में हवाई अड्डे को 49.21 करोड़ रुपये का लाभ प्राप्त हुआ था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 87.56 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह वृद्धि हवाई अड्डे के बेहतर संचालन और बढ़ती यात्री गतिविधियों का परिणाम मानी जा रही है।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हवाई अड्डे पर कई आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है। इनमें नया एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, डीवीओआर प्रणाली, इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) तथा पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं के कारण उड़ान संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है।
स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को बढ़ावा देने की पहल
स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए हवाई अड्डे पर ‘अवसर’ पहल के तहत झारखंड की प्रसिद्ध सोहराय और कोहवर कला को विशेष मंच दिया जा रहा है। इससे स्थानीय शिल्पकारों को अपने उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने और नए बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी हवाई अड्डे ने महत्वपूर्ण पहल की है। परिसर में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाया गया है, एलईडी प्रकाश व्यवस्था अपनाई गई है तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे ऊर्जा संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिल रही है।
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