Jamshedpur (Jharkhand): सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी, और उनके साथ शहीद हुए भाई मती दास, भाई सती दास और भाई दियाला जी की 350वीं शहादत स्मृति को समर्पित ‘शहीदी जागृति यात्रा’ (नगर कीर्तन) का जमशेदपुर के साकची गुरुद्वारा मैदान में ठहराव सुनिश्चित किया गया है। यह फैसला सिख समुदाय के आग्रह पर लिया गया है।
साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार निशान सिंह ने बताया कि तख्त श्री हरमिंदर साहिब, पटना से शुरू हुई यह यात्रा 25 सितंबर को सुबह 10 बजे साकची गुरुद्वारा मैदान पहुंचेगी। यहां गुरु साहिब की पालकी का भव्य स्वागत किया जाएगा। संगत को गुरु साहिब के दर्शन का सौभाग्य मिलेगा।
लंगर और ठहरने की व्यवस्था
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मैदान में जलपान का इंतजाम किया गया है, जबकि दोपहर में साकची गुरुद्वारा साहिब के गुरु रामदास लंगर हॉल में सभी के लिए लंगर का आयोजन होगा। निशान सिंह ने बताया कि यात्रा के साथ आने वाले पांच प्यारों और सिंह साहिबानों के ठहरने के लिए कमरे तैयार किए गए हैं, साथ ही अन्य श्रद्धालुओं के लिए भी गुरुद्वारा साहिब में रहने की समुचित व्यवस्था की गई है।
मंगलवार को साकची गुरुद्वारा साहिब के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह से मुलाकात कर यह मांग रखी थी कि यात्रा का ठहराव साकची में हो। इस भावनात्मक अपील को सीजीपीसी प्रधान भगवान सिंह, चेयरमैन गुरमीत सिंह, महासचिव अमरजीत सिंह और गुरचरण सिंह बिल्ला की सहमति से स्वीकार कर लिया गया।

