Home » झारखंड के अमन साहू गैंग का पाकिस्तान कनेक्शन, रांची में दो ग्लॉक पिस्टल बरामद

झारखंड के अमन साहू गैंग का पाकिस्तान कनेक्शन, रांची में दो ग्लॉक पिस्टल बरामद

रांची के कोयला कारोबारी विपिन मिश्रा पर हुए हमले में इन्हीं पाकिस्तान से आए ग्लॉक पिस्टलों का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने उस घटना में उपयोग हुई पिस्टल पहले ही जब्त कर ली थीं।

by Reeta Rai Sagar
Aman Sahu Gang
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Ranchi: झारखंड पुलिस ने मृत अपराधी अमन साहू के गैंग से जुड़े हथियार तस्करी के मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए ग्लॉक पिस्टल मंगवा रहा था। इस खेप में कुल 13 पिस्टल थीं। पुलिस ने अब तक छह पिस्टल जब्त कर ली हैं। बाकी सात पिस्टल अभी भी गैंग के सदस्यों के पास होने की आशंका है।

अलग-अलग जगहों से बरामद हुईं प्रतिबंधित पिस्टल

पुलिस के अनुसार, बरामद की गई छह ग्लॉक पिस्टल में से दो रांची से, एक लातेहार से, एक पलामू से और दो अन्य जगहों से मिली हैं। गौरतलब है कि ग्लॉक पिस्टल भारत में आम लोगों के लिए प्रतिबंधित है और इसे काफी खतरनाक हथियार माना जाता है। इसमें 6 से 36 राउंड वाली मैगजीन लगाई जा सकती है और सामान्यतः 17 राउंड वाली मैगजीन का उपयोग होता है। इसकी गोली करीब 1230 फीट प्रति सेकेंड की रफ्तार से चलती है और 50 मीटर तक असरदार रहती है।

हवाला के जरिए पाकिस्तान भेजा जाता था पैसा

जांच में पता चला कि अमन साहू गिरोह तक ये हथियार पाकिस्तान से भेजे जाते थे और फिर हवाला के जरिए पैसा पाकिस्तान में बैठे हथियार सप्लायर्स तक पहुंचाया जाता था। यह पूरा नेटवर्क झारखंड एटीएस ने तब पकड़ा, जब अज़रबैजान से गिरफ्तार किए गए गैंगस्टर सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह से पूछताछ हुई। मयंक ने बताया कि वह लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू, दोनों गैंग को हथियार उपलब्ध कराता था।

पंजाब से सड़क मार्ग झारखंड आता था हथियार

पंजाब के हथियार तस्कर सड़क मार्ग से ये हथियार झारखंड भेजते थे और इसके बदले मयंक हवाला के जरिए भुगतान करता था। उसने यह भी बताया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कई सदस्य यूरोप, मलेशिया और थाईलैंड से इस काम में जुड़े हैं।

यूरोप में विश्नोई गैंग को किया जाता था भुगतान

एटीएस को यह भी पता चला कि पैसे की सप्लाई चेन काफी जटिल है। हथियार गिरोह तक पहुंचते ही हवाला के जरिए यूरोप में बैठे बिश्नोई गैंग के गुर्गों को भुगतान किया जाता था। इसके बाद कुआलालंपुर में पाकिस्तानी मूल के कुछ रेस्टोरेंट मालिकों को कुरियर से नगद भेजा जाता था। वे लोग अपने खातों में पैसा लेते थे और उसे पाकिस्तान में बैठे असली हथियार डीलरों तक पहुंचाते थे।

रांची के कारोबारी पर हमले में इस्तेमाल हुई थी ग्लॉक पिस्टल

जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि रांची के कोयला कारोबारी विपिन मिश्रा पर हुए हमले में इन्हीं पाकिस्तान से आए ग्लॉक पिस्टलों का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने उस घटना में उपयोग हुई दो पिस्टल पहले ही जब्त कर ली थीं। एटीएस ने पुष्टि की है कि यह हथियार उसी कंसाइनमेंट का हिस्सा था, जिसे ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भेजा गया था।

Also Read: Jharkhand Assembly Winter Session : झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र कल से

Related Articles