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Jharkhand Youths Death In Goa गोवा के नाइट क्लब की आग में उजड़ गए झारखंड के तीन घर, रांची और खूंटी के युवक करते थे काम

by Rakesh Pandey
Jharkhand youths death in Goa
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रांची/ गोवा : गोवा के चमकते नाइट क्लब की चकाचौंध के पीछे शनिवार देर रात जो मंजर बदला, उसने झारखंड के तीन गांवों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। अरपोरा स्थित नाइट क्लब में लगी भीषण आग ने रोजगार की तलाश में घर से दूर गए तीन युवकों की जान ले ली। रविवार सुबह जैसे ही यह खबर रांची और खूंटी के गांवों तक पहुंची, हंसते-खेलते आंगन अचानक चीख-पुकार और मातम में बदल गए। मरने वालों में दो सगे भाई थे।

रांची और खूंटी के युवक बने हादसे का शिकार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों में रांची जिले के लापुंग थाना क्षेत्र अंतर्गत फतेहपुर गांव के दो सगे भाई प्रदीप महतो (24) और विनोद महतो (22) शामिल हैं। वहीं, तीसरा युवक खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड के गोविंदपुर गांव निवासी मोहित मुंडा (22) था। तीनों युवक रोजगार की तलाश में गोवा गए थे और अरपोरा स्थित इसी नाइट क्लब में काम कर रहे थे।

गोवा में काम कर रहे झारखंडी युवकों ने की शवों की पहचान

घटना की सूचना मिलने के बाद गोवा में कार्यरत झारखंड के अन्य युवक अस्पताल पहुंचे और मृतकों की पहचान में प्रशासन की मदद की। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताओं के बाद शवों को झारखंड भेजे जाने की तैयारी की जा रही है।

दर्जनों युवक रोजगार के सिलसिले में गोवा गए

स्थानीयों के अनुसार, फतेहपुर और उसके आस-पास के कई गांवों से दर्जनों युवक रोजगार के सिलसिले में गोवा गए हुए हैं। इस घटना के बाद वे सभी दहशत के माहौल में हैं और लगातार अपने परिवारों से संपर्क कर हालात की जानकारी दे रहे हैं।

नाइट क्लब में काम करने वाले कर्मचारी बने शिकार

बताया जा रहा है कि इस हादसे में जिन 25 लोगों की मौत हुई है, उनमें से अधिकांश नाइट क्लब के कर्मचारी थे। इनमें रसोई में काम करने वाले युवक, सर्विस स्टाफ और तीन महिलाएं भी शामिल थीं। आग लगने के समय क्लब परिसर में कई कर्मचारी मौजूद थे, जबकि कुछ पर्यटक भी वहां मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।

उधर, प्रदीप और विनोद के पिता धनेश्वर महतो अपने दोनों बेटों की एक साथ मौत की खबर सुनते ही बेसुध हो गए। परिजनों के अनुसार, वे बार-बार बेहोश हो जा रहे हैं। परिवार की अन्य महिलाएं और बच्चे भी गहरे सदमे में हैं। गोविंदपुर गांव में मोहित मुंडा के परिजनों की स्थिति भी बेहद दयनीय बनी हुई है। परिजनों को यकीन ही नहीं हो पा रहा कि परिवार का इकलौता कमाने वाला बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा।

झारखंड सरकार ने अभी नहीं की आधिकारिक पुष्टि

फिलहाल झारखंड सरकार की ओर से इन तीनों युवकों की मौत की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं की गई है। प्रशासनिक स्तर पर गोवा सरकार से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार या मंगलवार तक तीनों शव झारखंड लाए जा सकते हैं।

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