Ranchi : झारखंड विधानसभा के अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान निर्दलीय विधायक जयराम महतो ने राज्य में छात्रवृत्ति नहीं मिलने से परेशान छात्रों की स्थिति को उठाते हुए सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दो-दो साल से छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे युवा हताश हैं, जबकि विधायक 4.32 करोड़ रुपये की लागत से बने आलीशान आवास में रहने जा रहे हैं। इसे उन्होंने राज्य का “सबसे बड़ा दुर्भाग्य” बताया।
महतो ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार एक-दूसरे पर दोष मढ़ रही हैं, लेकिन इसकी कीमत छात्रों को नहीं चुकानी चाहिए। उन्होंने छात्रवृत्ति भुगतान तुरंत सुनिश्चित करने की मांग की, इसे आने वाली पीढ़ी के साथ अन्याय करार दिया।
विधायक ने अधिकारियों की जवाबदेही पर भी कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि रात 12 बजे तक विधायक शून्यकाल में सवाल उठाते हैं, लेकिन अधिकारी जवाब देना तो दूर, उसे मजाक बना देते हैं। उन्होंने जिम्मेदारी से बचने वाले अफसरों पर कार्रवाई और ईमानदार अधिकारियों को प्रोत्साहन देने की मांग की।
अनुपूरक बजट की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए महतो ने कहा कि विभागों ने 1400 करोड़ की मांग की थी, लेकिन सरकार केवल 721 करोड़ लेकर आई। आठ महीनों में महज 42% राशि खर्च होने पर भी बजट लाने को उन्होंने तर्कहीन बताया।
अवैध खनन और रेत कारोबार को राज्य की सबसे बड़ी आर्थिक लूट बताते हुए उन्होंने दावा किया कि कोलांचल क्षेत्र से रोजाना करोड़ों का अवैध कोयला परिवहन हो रहा है, जिससे सालाना 9000 करोड़ रुपये की चोरी होती है। जमीन रजिस्ट्री में भी बड़े स्तर पर काला धन खपाने का आरोप लगाया।
राज्य आंदोलनकारियों को 300 रुपये पेंशन और मंत्रियों के लिए 6 करोड़ के बंगले का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। जैक बोर्ड द्वारा परीक्षा शुल्क बढ़ाने का भी उन्होंने विरोध किया और पुरानी दरें बहाल करने की मांग की।

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