RANCHI: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन औऱ विधायक कल्पना सोरेन से रविवार को झारखंड दौरे पर आए भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ओएएम, प्रोफेसर सुशान मार्क्स इंटरनेशनल लॉ, टॉम सैंडरफोर्ड फर्स्ट सेक्रेटरी और अनघा सीनियर इकोनामिक रिसर्च अफसर ऑस्ट्रेलिया कांसुलेट- जनरल इन कोलकाता ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई इस मुलाकात के दौरान उनके बीच झारखंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने, विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर सहयोग को बढ़ावा देने के अलावा निवेश की संभावनाओं पर विशेष रूप से चर्चा हुई। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को ऑस्ट्रेलिया आने का आमंत्रण दिया।
सहयोग का मिला भरोसा
मुख्यमंत्री ने ऑस्ट्रेलियाई हाई कमिश्नर को झारखंड में उपलब्ध संसाधनों और निवेश को लेकर राज्य सरकार की नीतयों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने श्रम आधारित अर्थव्यवस्था से ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के अपने संकल्प के बारे में भी चर्चा की, जिसपर उनके द्वारा सहयोग और साथ मिलकर आगे बढ़ने का का भरोसा दिलाया।
खान सुरक्षा व जनजातीय समुदाय के विकास पर चर्चा
भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने मुख्यमंत्री को ऑस्ट्रेलिया आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि खनन को लेकर झारखंड ऑस्ट्रेलिया में काफी समानताएं हैं। ऑस्ट्रेलिया में खान सुरक्षा एवं सुरक्षित खनन को लेकर किन तकनीकों का इस्तेमाल होता है, उससे मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने खनन के बाद जमीन को विकसित कर स्थानीय समुदाय को वापस करने की ऑस्ट्रेलिया सरकार की नीति को सराहते हुए कहा कि वास्तव में खनन की ऐसी ही नीति होनी चाहिए। नीति यहां भी है, लेकिन इसका सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भी सही ढंग से पालन नहीं कर रहे हैं। खान सुरक्षा एवं खनन में स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के संबंध में ऑस्ट्रेलिया सरकार की नीति अनुकरणीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी कहा कि झारखंड ऑस्ट्रेलिया में भी जनजातीय समुदाय की बड़ी आबादी है। उनके विकास के लिए ऑस्ट्रेलिया में क्या कार्य हो रहे हैं, इसकी भी जानकारी दी।

