RANCHI : आरपीएफ के कंधों पर रेलवे की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। लोगों को सुरक्षित माहौल देने के साथ सुरक्षित यात्रा भी सुनिश्चित करता है। ऐसे में रेगुलर ट्रेनों में चेकिंग भी की जाती है। वहीं स्टेशनों पर भी अभियान चलाकर जांच की जाती है। इस दौरान आरपीएफ ने रांची डिविजन से नशे का सामान तस्करी करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। इतना ही नहीं दर्जनों लोगों को सलाखों के पीछे भी भेजने का काम किया है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी से दिसंबर 2025 तक आरपीएफ ने डिविजन से भारी मात्रा में नशे का सामान बरामद किया है। वहीं 39 लोगों को जेल भेजा गया है।

ट्रेन से करते थे तस्करी
आरपीएफ की एनुअल रिपोर्ट के अनुसार, बीते वर्ष ट्रेन के जरिए गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले 39 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इस दौरान कुल 530.08 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक यह गांजा मुख्य रूप से बिहार ले जाकर खपाने की तैयारी थी। लेकिन इससे पहले ही आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। कार्रवाई के दौरान कुल 27 मामलों में 39 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
190 बोतल कफ सिरप भी पकड़ा
गांजा के अलावा आरपीएफ ने 190 बोतल कफ सिरप और अन्य नशीली सामग्री भी जब्त की है। इन सभी नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित वस्तुओं की अनुमानित कीमत 91,76,690 रुपये आंकी गई है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनें तस्करों के लिए आसान माध्यम बनती जा रही थीं, क्योंकि लंबी दूरी तय करने में कम समय लगता है और पकड़ में आने की संभावना कम रहती है। लेकिन इनकी संदिग्ध गतिविधियों के कारण ये लोग पकड़ में आ गए। आरपीएफ की कार्रवाई केवल गांजा और नशीली दवाओं तक सीमित नहीं रही। अवैध शराब के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए गए। भारी मात्रा अवैध शराब से संबंधित मामलों में कुल 84 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। यह सभी गिरफ्तारियां रेलवे परिसर, ट्रेनों और आसपास के इलाकों में की गईं।

