चाईबासा : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा में शुक्रवार को ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता ने किया। उन्होंने परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
हर वर्ष एक पेड़ लगाना सबसे बड़ा योगदान: कुलपति
कुलपति प्रो. अंजिला गुप्ता ने कहा कि हर वर्ष एक पेड़ लगाना प्रकृति के प्रति हमारा सबसे सरल और सार्थक योगदान है। आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण और जीवन का आधार बनेगा। उन्होंने सभी से इस अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की।
]मातृत्व और प्रकृति का प्रतीक है अभियान
कुलपति ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि मातृत्व, प्रकृति और भावी पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है।
वन विभाग का जताया आभार
कुलपति ने पौध उपलब्ध कराने के लिए सारंडा वन प्रमंडल के डीएफओ अभिरूप सिन्हा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में विश्वविद्यालय और वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे जनजागरूकता को मजबूती मिलेगी।
कई अधिकारी और शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. रंजीत कुमार कर्ण, वित्त पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, डॉ. बालकृष्ण बेहरा, डॉ. शोभित रंजन, डॉ. दारा सिंह गुप्ता, डॉ. तपन खानरा, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. शिमंता राय, डॉ. नितेश महतो, एनएसएस निदेशक डॉ. मीनाक्षी मुंडा, डॉ. सुचित्रा बेहरा सहित कई अधिकारी, कर्मचारी और छात्र उपस्थित थे।
सभी ने लिया हरित भविष्य का संकल्प
लोगों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। एनएसएस निदेशक डॉ. मीनाक्षी मुंडा ने डीएफओ अभिरूप सिन्हा और सुमित सिन्हा को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय परिवार ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और स्वच्छ, हरित पर्यावरण के निर्माण में सक्रिय योगदान का संकल्प दोहराया।
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