Jamshedpur : जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र में जेम्को महानंद बस्ती में सोमवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब गोलमुरी हिन्दू बस्ती निवासी और झारखंड अल्पसंख्यक सिख संघर्ष मोर्चा के प्रमुख जसपाल सिंह गोगी (62) का शव एक गली से बरामद किया गया। वह दिवंगत सिख नेता स्व. निरंजन सिंह किंग के पुत्र थे।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को टुईलाडुंगरी गुरुद्वारा में शहीदी दिहाड़े के अवसर पर समागम आयोजित था, जहां जसपाल सिंह गोगी सेवा कार्य में लगे हुए थे। दोपहर करीब 2.30 बजे वह स्कूटी से जेम्को स्थित अपने दूसरे मकान गए थे, जहां किराएदार से लंबे समय से विवाद चल रहा था।
परिजनों के मुताबिक, मनीफिट क्षेत्र स्थित उनके मकान में माधवी दत्ता नामक महिला अपने बेटे के साथ पिछले चार वर्षों से किराए पर रह रही थी, लेकिन न तो किराया दे रही थी और न ही मकान खाली कर रही थी। जसपाल सिंह गुरुद्वारा में लंगर ग्रहण करने के बाद किराया लेने उसी घर गए थे।
इसी दौरान महानंद बस्ती स्थित एक गली में उनका शव मिलने की सूचना परिजनों को मिली। उनके भाई सर्बजीत सिंह मौके पर पहुंचे और ऑटो से उन्हें टिनप्लेट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही समाज के कई प्रबुद्ध लोग अस्पताल पहुंचे। टिनप्लेट वर्कर्स यूनियन टाटा डिवीजन के डिप्टी प्रेसिडेंट परविंदर सिंह सोहल, सीजीपीसी के पूर्व महासचिव जसवंत सिंह भोमा, जसबीर सिंह पदरी सहित कई लोग मौजूद रहे। गोगी की बेटी सिमरनजीत कौर भी अस्पताल पहुंची। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों ने किराएदार माधवी दत्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किराया मांगने को लेकर जसपाल के साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी मौत हो गई। आरोप है कि मौत के बाद किराएदार ने बेटे की मदद से शव को घर से बाहर सड़क किनारे फेंक दिया।
बताया गया कि पूर्व में भी किराए को लेकर मामला टेल्को थाना पहुंचा था। कुछ समय तक किराया दिया गया, लेकिन बाद में फिर बंद कर दिया गया। 15 जनवरी को जसपाल सिंह मकान की मरम्मत कराने वाले थे।
फिलहाल शव को अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है। गोलमुरी थाना के पदाधिकारी अजीत प्रकाश ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि, टेल्को थाना प्रभारी ने घटना की जानकारी से अनभिज्ञता जताई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।

