Ranchi : बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में शराब एवं जीएसटी घोटाले के आरोपी द्वारा डांस पार्टी आयोजित किए जाने और जेल के भीतर कैदियों की कथित आपराधिक गतिविधियों के मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। अदालत ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य के पुलिस-प्रशासन के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई।
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने विस्तृत सुनवाई के लिए 6 जनवरी 2026 की तिथि निर्धारित की है।
चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने रांची के एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के आधार पर इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि जेल जैसी संवेदनशील संस्था में इस तरह की घटनाएं राज्य के पुलिस-प्रशासन के लिए न केवल शर्मनाक हैं, बल्कि व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि घटना से संबंधित वीडियो वायरल होने के बाद जेल आईजी के निर्देश पर जिला जेल अधीक्षक और जेलदार को निलंबित कर दिया गया है। इसके बावजूद कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि जेल प्रशासन पर प्रभावी नियंत्रण का अभाव है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की घटनाओं को किसी भी सूरत में हल्के में नहीं लिया जा सकता और अगली सुनवाई में मामले के सभी पहलुओं पर विस्तार से विचार किया जाएगा।


