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RANCHI PARK NEWS: अनदेखी की भेंट चढ़ा करमटोली पार्क, टूट गए झूले, नंगे तार हादसों को दे रहे दावत

by Vivek Sharma
करमटोली पार्क
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RANCHI: राजधानी रांची के हृदयस्थली में स्थित प्रसिद्ध करमटोली पार्क बदहाली का शिकार हो चुका है। कभी बच्चों की भीड़ और परिवारों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाला यह पार्क अब अनदेखी और लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग अब यहां परिवार के साथ आने से भी कतराने लगे हैं। पार्क में लगे झूले पूरी तरह टूट चुके हैं। कहीं जंग लगे लोहे के ढांचे नजर आते हैं तो कहीं झूले जमीन पर बिखरे पड़े हैं। बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित कोई भी साधन फिलहाल पार्क में मौजूद नहीं है। बच्चों का मनोरंजन खत्म हो गया है। इतना ही नहीं कुछ स्लाइडर तो ऐसी स्थिति में है कि किसी भी समय बड़े हादसे को दावत दे सकते है।

पाथ लाइट हो गए गायब

सबसे गंभीर बात यह है कि पार्क के कई हिस्सों में नंगे बिजली के तार खुले पड़े हैं। बारिश या अंधेरे में यह खतरा और भी बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत नगर निगम और संबंधित विभागों से की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शाम ढलते ही करमटोली पार्क का माहौल पूरी तरह बदल जाता है। असामाजिक तत्वों का जमावड़ा यहां आम बात हो गई है। नशाखोरी, गाली-गलौज और संदिग्ध गतिविधियों के कारण लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। पार्क में पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में हालात को और भी भयावह बना दिया है।

करोड़ों रुपए किए गए थे खर्च

स्थानीय लोगों की माने तो करोड़ों रुपये खर्च कर पार्क और तालाब का जीर्णोधार किया गया था। उस वक्त उम्मीद जगी थी कि करमटोली पार्क एक बार फिर रांची के प्रमुख पिकनिक और मनोरंजन स्थलों में शामिल होगा। फ्लोटिंग फाउंटेन और आकर्षक लाइटिंग से पार्क जगमगा रहा था। कुछ ही समय में रखरखाव की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण सारी योजनाएं कागजों तक सिमट कर रह गईं। पार्क से सटे तालाब की स्थिति भी चिंताजनक है। गंदगी का अंदाजा तालाब की स्तिथि देखकर लगाया जा सकता है। न तो नियमित सफाई होती है और न ही सुरक्षा गार्ड की तैनाती है। कोई भी आसानी से पार्क में प्रवेश कर सकता है।

हर दिन गुजरते हैं वीआईपी

पार्क में आने वाले लोगों का कहना है कि पार्क की तत्काल मरम्मत, झूलों की पुनः स्थापना, नंगे तारों को हटाने, पर्याप्त लाइट और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही शाम के समय पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने पर जोर दिया। जिससे कि लोग शाम ढलने के बाद भी इस पार्क में जा सके। बता दें कि इस रास्ते से हर दिन मंत्री से लेकर अधिकारी सब गुजरते हैं। इसके बावजूद पार्क की बदहाली पर किसी का ध्यान नहीं हैं।

11.24 करोड़ किए गए थे खर्च

करमटोली तालाब के सौंदर्यीकरण पर 11.24 करोड़ की लागत आई थी। जुडको द्वारा 18 माह में इसका जीर्णोद्धार किया गया था। यहां तीन छठ घाट, लैंड स्केपिंग व म्यूजिकल फाउंटेन का निर्माण किया गया था। इसके अलावा यहां चिल्ड्रेन पार्क, सरना स्थल का विकास, पार्किंग व शौचालय का भी निर्माण किया गया था। आकर्षक रंगीन फव्वारा, बैठने के लिए शेड, हरे-भरे लैंड स्केपिंग वाले घास और कैफेटेरिया भी बनाया गया था। लेकिन आजतक कैफेटेरिया शुरू नहीं हो पाया।

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