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CHAIBASA: दस दिनों में 22 लोगों की जान लेने वाला खूनी हाथी ओडिशा से लौटा झारखंड,‌ वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू

by Rajeshwar Pandey
ओडिशा से लौटकर झारखंड पहुंचा खूनी हाथी, अब तक 22 लोगों की मौत, चाईबासा में दहशत, वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन फिर शुरू।
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CHAIBASA : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड क्षेत्र के खड़पोस पंचायत के पन्डुवाबुरू में शनिवार को भी हाथियों का आतंक देखने को मिला। यहां हाथियों नें कई घरों में तोड़ फोड़ की और फसलों का नुकसान किया है। इससे क्षेत्र के लोग दहशत में रहने को विवश हैं। जबकि, झारखंड-ओडिशा सीमा पर स्थित बनीसागर क्षेत्र में पागल दंतैल जंगली हाथी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है।

शुक्रवार को दो लोगों को बेरहमी से कुचलने के बाद हाथी ने एक को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसकी देर रात मौत हो गई थी। बाद में हाथी ओडिशा चला गया था। लेकिन यह खूनी हाथी एक बार फिर शनिवार को झारखंड की सीमा में दाखिल हो गया है। इसके बाद हाथी को नियंत्रित करने के लिए ओडिशा से पहुंची वाइल्डलाइफ मेडिकल टीम, गुजरात व असम से आए विशेषज्ञ तथा विशेष टीम के लोग दो ट्रेंकुलाइज गन के जरिए हाथी का पता लगाने में जुटे हैं।

लेकिन समाचार लिखे जाने तक वन विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद हाथी को अब तक नियंत्रित नहीं किया जा सका है। पागल हाथी हाथी एक जनवरी से अब तक कुल 22 लोगों की जान ले चुका है। इधर, वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, झुंड से बिछड़ने के कारण यह हाथी अत्यंत हिंसक हो गया है। इसकी रफ्तार भी चिंता का विषय है। यह प्रतिदिन लगभग 30 किलोमीटर की दूरी तय कर रहा है, जिससे इसकी सटीक लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल हो रहा है। हालांकि, कहा जा रहा है कि वन विभाग शुरू में ही हाथी को नियंत्रित करने का प्रयास करता तो शायद लोगों की जान नहीं जाती।

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