RANCHI: रांची नगर निगम के प्रशासक सुशांत गौरव ने शनिवार को शहर के कई इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान डोर टू डोर कलेक्शन को लेकर सख्त निर्देश दिया। साथ ही कहा कि हर दिन प्राइमरी कलेक्शन वाली कचरे का 100 परसेंट डिस्पोजल किया जाए। जिससे कि कूड़े का अंबार नहीं लगेगा। इसके अलावा उन्होंने नागा बाबा वेजिटेबल मार्केट की भी व्यवस्था देखी। जहां पर नए आटो स्टैंड के बन जाने से ट्रैफिक स्मूथ हुआ है। इसके अलावा उन्होंने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को हर हाल में मुक्त कराने का निर्देश दिया।
ठोस कदम उठा रहा निगम
रांची नगर निगम शहर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और जाम-मुक्त बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रहा है। प्रशासक ने सबसे पहले नागा बाबा खटाल और ट्रेकर स्टैंड स्थित मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने नागा बाबा खटाल स्थित एमआरएफ केंद्र में चल रहे ट्रायल रन के दौरान निर्देश दिया कि प्रतिदिन शत-प्रतिशत प्राइमरी वेस्ट का प्रोसेसिंग कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही केंद्रों में कार्यरत कर्मियों की नियमित स्वास्थ्य जांच, परिसर की साफ-सफाई, सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली और वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए पाथ-वे निर्माण के निर्देश दिए।
12 सेंटर बनाने की योजना
गीले कचरे की मात्रा बढ़ाने तथा वार्ड सुपरवाइजरों को एमआरएफ संचालन का विशेष प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया। नगर निगम क्षेत्र में कुल 12 एमआरएफ सेंटर बनाए जाने की योजना है, जिनमें से दो केंद्र कार्यशील हो चुके हैं। इन सेंटरों में हाईटेक मशीनों के माध्यम से कचरे का वर्गीकरण किया जाएगा। सूखा कचरा रिसाइक्लिंग एजेंसियों को भेजा जाएगा, जबकि गीला कचरा गेल इंडिया लिमिटेड के गैस प्लांट में बायोगैस या कंपोस्ट के लिए भेजा जाएगा।
आटो स्टैंड का निरीक्षण
नागा बाबा वेजिटेबल मार्केट और न्यू मार्केट स्थित ऑटो स्टैंड का निरीक्षण किया। अनियंत्रित ऑटो ठहराव से उत्पन्न जाम की समस्या को देखते हुए निर्धारित ऑटो स्टैंड से यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। निरीक्षण के दौरान ऑटो चालकों से संवाद कर उन्हें निर्धारित स्टैंड, यूनिफॉर्म और नियमों के पालन के निर्देश दिए गए। इसके बाद प्रशासक ने किशोरी यादव चौक से रातु रोड चौक तक क्षेत्रीय निरीक्षण कर अवैध अतिक्रमण, अवैध निर्माण और मालवाहक वाहनों की बेतरतीब पार्किंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

