Home » Cyclone Dana : झारखंड व बंगाल में “दाना” तूफान को लेकर Alert, 23 से 25 अक्टूबर तक बारिश की चेतावनी

Cyclone Dana : झारखंड व बंगाल में “दाना” तूफान को लेकर Alert, 23 से 25 अक्टूबर तक बारिश की चेतावनी

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात 'दाना' से निपटने के लिए राज्य की तैयारियों पर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा, "यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई जनहानि न हो।

by Anand Mishra
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

जमशेदपुर : बंगाल की खाड़ी में उभर रहे चक्रवात “दाना” को लेकर झारखंड और पश्चिम बंगाल में सतर्कता बढ़ा दी गई है। झारखंड के कई हिस्सों में 23 से 25 अक्टूबर तक बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही तेज हवाओं और वज्रपात की भी संभावना बनी रहेगा। इसे लेकर जमशेदपुर समेत अन्य जिलों में स्थानीय प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग ने इस दौरान हवा की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की चेतावनी दी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

23 अक्टूबर को इन जिलों में हो सकती है बारिश


झारखंड मौसम केंद्र के अनुसार, 23 अक्टूबर को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और गरज के साथ वज्रपात की आशंका है। जिन जिलों में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा, उनमें रांची, गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, खूंटी, सरायकेला-खरसांवा, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम शामिल हैं। इन जिलों में मौसम के खराब होने के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

24 अक्टूबर को चार जिलों में बारिश की संभावना


मौसम विभाग ने 24 अक्टूबर को राज्य के कुछ खास हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है। इस दिन सरायकेला-खरसांवा, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में चक्रवाती प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिलेगा। इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाओं के चलने की उम्मीद है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर उन लोगों को जो ऊंचे स्थानों पर रहते हैं या खुले में काम करते हैं।

25 अक्टूबर को रांची सहित आठ जिलों में होगी बारिश


25 अक्टूबर को चक्रवात का असर झारखंड के और भी अधिक जिलों में देखने को मिलेगा। इस दिन रांची, खूंटी, सरायकेला-खरसांवा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला और लोहरदगा में बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इन जिलों में मूसलधार बारिश हो सकती है, जो किसानों और स्थानीय लोगों के लिए चुनौतियां पैदा कर सकती है। इसके साथ ही, वज्रपात का भी खतरा बना रहेगा, इसलिए लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

तापमान में गिरावट और सर्दी बढ़ने की संभावना


मौसम विभाग ने यह भी जानकारी दी है कि अगले दो दिनों तक राज्य में तापमान में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि, 25 अक्टूबर के बाद तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट की संभावना है। इसके साथ ही, चक्रवात के गुजरने के बाद ठंड भी बढ़ सकती है, जिससे सर्दी का असर पहले की अपेक्षा तेज हो सकता है। चक्रवात के कारण हवा में नमी बढ़ने के साथ ठंड का असर भी तेजी से बढ़ेगा, जिससे सर्दी का अनुभव जल्द ही होने की उम्मीद है।

जनजीवन पर असर और सावधानियों की आवश्यकता


इस चक्रवाती मौसम के चलते झारखंड के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की सलाह का पालन करें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। खासतौर पर बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए खुले स्थानों में न जाने की सलाह दी गई है। किसानों को भी अपनी फसल की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाओं और बारिश से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।

“दाना” तूफान का प्रभाव झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। प्रशासन और मौसम विभाग की सतर्कता के चलते नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें।

एनडीआरएफ की तैनाती

एनडीआरएफ ने पश्चिम बंगाल में 14 टीमों और ओडिशा में 11 टीमों की तैनाती की है। जहाजों तथा विमानों के साथ सेना, नौसेना और तटरक्षक बल की बचाव एवं राहत टीमों को तैयार रखा गया है। सेवाओं की तत्काल बहाली के लिए विद्युत मंत्रालय तथा दूरसंचार विभाग द्वारा आपातकालीन टीमों को तैनात किया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री की घोषणा

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात ‘दाना’ से निपटने के लिए राज्य की तैयारियों पर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा, “यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई जनहानि न हो। घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।”

चक्रवात से निपटने के लिए तैयारियां

ओडिशा और पश्चिम बंगाल सरकारें चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दोनों राज्यों में एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और अग्निशमन सेवा की टीमें तैनात की गई हैं। सरकार इस स्थिति पर भी बारीकी से नजर रख रही है कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी या कालाबाजारी न हो।

Read AlsoJharkhand Weather: झारखंड के मौसम में नया ट्विस्ट : 26 अक्टूबर तक जारी रहेंगे Weather के बदलते रंग

Related Articles