Home » Jharkhand Politics: सिंगल कार में सचिवालय पहुंचे CM Hemant Soren,सादगी से सबको चौंकाया

Jharkhand Politics: सिंगल कार में सचिवालय पहुंचे CM Hemant Soren,सादगी से सबको चौंकाया

by Nikhil Kumar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को अपने सादगीपूर्ण अंदाज से सभी को भौचक कर दिया। भारी सुरक्षा और लंबे काफिले के बजाय वे केवल एक गाड़ी में बिना सुरक्षा दल के सीधे प्रोजेक्ट भवन सचिवालय पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने शहर की वास्तविक यातायात व्यवस्था और आम लोगों को हो रही परेशानियों को करीब से जानने के लिए बिना काफिले के निकलने का फैसला किया।

सचिवालय पहुंचने के दौरान उन्होंने खुद हालात का जायजा लिया, ताकि व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें। जब मुख्यमंत्री की गाड़ी अकेले सचिवालय परिसर पहुंची, तो कुछ देर के लिए वहां हलचल का माहौल बन गया। बिना किसी पूर्व सूचना के उनके पहुंचने से अधिकारी भी तुरंत सतर्क हो गए। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि यह दौरा जमीनी हकीकत जानने और व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से किया गया। मुख्यमंत्री के इस कदम की आम लोगों और सामाजिक मंचों पर खूब सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि दिखावे से दूर रहकर इस तरह सीधे जमीन पर उतरना एक संवेदनशील नेतृत्व की पहचान है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में भी इस औचक दौरे को लेकर कई तरह की चर्चाएं जारी हैं।

इचाक में , रांची–पटना मार्ग पर फ्लाईओवर निर्माण को हरी झंडी

झारखंड में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एक अहम कदम उठाया है। हजारीबाग–बरही मार्ग पर इचाक में फ्लाईओवर निर्माण को हरी झंडी दे दी गई है। परियोजना का काम जल्द शुरू होगा, जिससे रांची–पटना मुख्य मार्ग पर यातायात को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर स्थित इचाक क्षेत्र और हजारीबाग बाईपास में इस परियोजना को विकसित किया जाएगा। इसके तहत फ्लाईओवर के साथ सर्विस रोड और बाईपास क्षेत्र में स्लिप रोड का भी निर्माण किया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में इस मार्ग पर वाहनों का दबाव काफी अधिक है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। फ्लाईओवर निर्माण के बाद यातायात सुगम होगा और सड़क सुरक्षा में भी सुधार आएगा। करीब 53.83 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को डेढ़ वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

परियोजना के पूरा होने के बाद न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक और सामाजिक विकास को गति मिलने की संभावना जताई जा रही है। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, यह परियोजना झारखंड में बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षित राजमार्ग नेटवर्क विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

Read Also: PESA नियमावली का अब धरातल पर दिखेगा असर; राज्यस्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताई इसकी महत्ता

Related Articles