
रांची : झारखंड की राजधानी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं की धांधली के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन अब और तेज हो गया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने शुक्रवार को धरना स्थल पर आंदोलनकारी युवाओं को संबोधित किया। साथ ही विधायक निवास में पत्रकारों से बात भी की। उन्होंने साफ कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक परीक्षा की नहीं, बल्कि राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य और न्याय की लड़ाई है।
उन्होंने कहा कि किसी भी परीक्षा में भ्रष्टाचार या धांधली उजागर होती है तो उसकी सीधी जवाबदेही सरकार की होनी चाहिए। सरकार आउटसोर्स एजेंसियों के पीछे छिपने के बजाय परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों की सीधी जिम्मेदारी ले। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में ब्लैकलिस्ट हो चुकी निजी एजेंसियों को परीक्षा का ठेका देना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह सरकारी व्यवस्था के तहत होनी चाहिए।
मामले में सीबीआई जांच की उठाई मांग
नेहा बोरा ने निष्पक्षता बहाल करने और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए मामले में सीबीआई जांच की मांग की। ताकि अभ्यर्थियों का टूटा भरोसा फिर बहाल हो सके। उन्होंने कहा कि जेपीएससी प्रारंभिक और जेएसएससी सीजीएल जैसी विवादित परीक्षाओं को तुरंत रद्द कर पारदर्शी तरीके से नई तिथियों का ऐलान किया जाए।
छात्र खुद लड़ रहे हैं अपने हक की जंग
मीडिया से बातचीत में नेहा ने आंदोलन की तारीफ की। कहा कि इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी राजनीतिक दल का मोहताज नहीं है। छात्र खुद अपनी रिफॉर्म कमेटी बनाकर हक की आवाज उठा रहे हैं। बीजेपी नेताओं के समर्थन देने पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली में जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे थे, तब इन्हें सहानुभूति नहीं आई थी, लेकिन फिर भी छात्रों के हित में किसी का साथ आना अच्छी बात है।
उन्होंने दिल्ली आंदोलन में देश विरोधी नारे लगने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सत्ता और जनप्रतिनिधियों (मोदी, शाह या शिक्षा मंत्री) के खिलाफ बोलना देशद्रोह नहीं है। नेहा बोरा ने ऐलान किया कि आईसा इस पूरे महीने राज्यभर में छात्रों के समर्थन में बड़ा अभियान चलाएगी।

रांची : झारखंड विधानसभा का घेराव करने निकले विद्यार्थियों के प्रदर्शन के क्रम में भीड़ में शामिल एक अज्ञात लड़के ने छात्र नेताओं पर स्याही उड़ेल दी। इस घटना की सीधी शिकार AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और उनके साथ चल रहीं अन्य महिला प्रतिनिधि विभा, शिवानी, स्नेहा और सृष्टि बनीं।
स्याही फेंकते ही मौके पर गुस्साए छात्रों का सब्र टूट गया और वहां धक्का-मुक्की तथा हंगामे की स्थिति पैदा हो गई। चौराहे पर फैली अफरा-तफरी को देखते हुए वहां तैनात सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभाला और माहौल को ज्यादा बिगड़ने से बचा लिया।
पुलिस ने स्याही फेंकने वाले युवक को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि उसने ऐसा किस मकसद से किया। राज्य में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं के दौरान हुई धांधली के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था, जिसमें पूरे प्रदेश से सैकड़ों छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे थे।
AISA अध्यक्ष पर स्याही फेंकने वाला युवक हिरासत में
विधानसभा मार्च के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के अलावा अन्य छात्र नेत्री विभा, शिवानी, स्नेहा और सृष्टि पर स्याही फेंकने वाले युवक की पहचान कर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। स्याही फेंकने की घटना के बाद हंगामा मच गया था। पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है।

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पहुंचीं रांची, विधानसभा मार्च की रणनीति पर कर रहीं चर्चा,प्रशासन अलर्ट
रांची: जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में धंधली के खिलाफ आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा शुक्रवार को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचीं। उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों से मिलकर उनकी मांगों और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की।
आज छात्रों का विधानसभा घेराव आंदोलन होना है। इसे लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। शहीद मैदान से लेकर जगन्नाथपुर चौक और विधानसभा जाने वाले रास्ते में सैकड़ों जवानों की तैनाती की गई है। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। कुछ जगहों पर इसमें कटीले तार भी लगाए गए हैं।

नेहा बोरा ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि छात्र अपने अधिकारों और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं । उनकी मांगें उचित हैं। इसलिए उन्हें सभी छात्र संगठनों का साथ मिलना चाहिए।
नेहा बोरा हाल ही में दिल्ली में Combined Graduate Programme परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान 23 दिनों तक भूख हड़ताल पर रही थीं। अब वह झारखंड में आंदोलनरत छात्रों का समर्थन करने आई हैं। उनके पहुंचने से आंदोलन कर रहे छात्रों का उत्साह काफी बढ़ गया है।
खुफिया एजेंसियों ने विधानसभा घेराव को लेकर पहले ही सरकार को सतर्क किया है। इसलिए पूरे राज्य में अलज्र्ट कर दिया गया है। विधानसभा के आगे खुले मैदान में भी सैकड़ों की संख्या में जवान तैनात हैं।आज झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र का दूसरा दिन है।


