
Jamshedpur : झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार शुक्रवार को 11 बजे जमशेदपुर पहुंचे। यहां वह सीधे बिष्टुपुर स्थित माइकल जान आडिटोरियम पहुंचे हैं। यहां उन्होंने वीवर्स डेवलपमेंट एंड रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के कार्यक्रम का दीप जला कर शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम 13 वें हस्तकरघा दिवस पर आयोजित किया जा रहा है।
इस मौके पर बोलते हुए राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि देश और समाज की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के लिए बुनकरों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बुनकरों ने भारतीयता को अपने हाथों से बुना है।
राज्यपाल ने कहा कि हस्तकरघा उद्योग स्वदेशी और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में चरखा को जन आंदोलन का प्रतीक बनाया था। राज्यपाल बोले की झारखंड का हस्तकरघा उद्योग जनजातीय और भारतीय विरासत को समेटे हुए है। राज्यपाल ने कहा कि झारखंड के बुनकर राष्ट्र की पहचान बन गए हैं। आज जरूरत है कि उन्हें आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यम से जोड़कर विश्व बाजार उपलब्ध कराया जाए। राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि केंद्र सरकार ने उन्हें टेक्सटाइल मिनिस्टर बनाया था। यह उनके लिए गौरव का क्षण था। तभी उन्होंने साल 2014 में हस्तकरघा दिवस की शुरुआत की थी।
राज्यपाल ने लोगों से आहवान किया कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की जरूरत है। लोग बुनकरों द्वारा बुने गए वस्त्र खरीदें। इससे न केवल बुनकरों को लाभ होगा बल्कि भारतीय संस्कृति भी आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि हस्तकरघा उद्योग अगर आगे बढ़ेगा तो महिलाओं और ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए आत्मनिर्भरता का कारण बनेगा। भारत को मजबूत बनाना है तो हस्तकरघा उद्योग के उत्पादों को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि बुनकर सिर्फ वस्त्र नहीं बुनता बल्कि अपने परिवार और राष्ट्र की विरासत सहेजता है। हमारा कर्तव्य है कि बुनकरों को सामाजिक सुरक्षा दें। पीएम ने बुनकरों और शिल्पकारों के लिए पारंपरिक उद्योग को मजबूत बनाने की पहल की है। पीएम विश्वकर्मा योजना इसकी गवाह है।

बुनकरों को सम्मानित करते राज्यपाल
भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोज कुमार सिंह ने कहा कि हस्तकरघा दिवस का शुभारंभ साल 2014 में हुआ था। तब संतोष गंगवार केंद्रीय मंत्री थे। संतोष गंगवार ने ही तब इस दिवस को मनाने की पहली बार शुरुआत की थी। उन्होंने दिल्ली में पहला कार्यक्रम तब आयोजित किया था।
ये बुनकर हुए सम्मानित
राज्यपाल ने स्टेज पर बुला कर 5 बुनकरों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले बुनकरों में बलराम पात्रो, मंगल पात्रो, अमित मोदक, अनीता मेत्रे और विलास तांती हैं।
कार्यक्रम के संचालक विजय भारतीय ने बताया कि संतोष गंगवार आठ बार सांसद बने हैं।
राज्यपाल ने नशा मुक्त भारत अभियान बस यात्रा का किया शुभारंभ
राज्यपाल ने दोपहर बाद तकरीबन सवा तीन बजे मरीन ड्राइव के ब्रम्हा कुमारीज़ पहुंच कर नशा मुक्त भारत अभियान बस यात्रा का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने लोगों से नशा छोड़ने की अपील की। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि रांची में जो छात्र प्रोटेस्ट कर रहे हैं, उन्हें भी नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ना चाहिए और लोगों से अपील करनी चाहिए कि वह नशा छोड़ें और समाज को उन्नत बनाएं।

