Home » Jamshedpur Nirmal Mahto News: शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, भाजपा-झामुमो समेत कई दलों ने दी श्रद्धांजलि

Jamshedpur Nirmal Mahto News: शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, भाजपा-झामुमो समेत कई दलों ने दी श्रद्धांजलि

निर्मल महतो की 8 अगस्त 1987 को बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित चमरिया गेस्ट हाउस के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय वे अपने सहयोगियों के साथ बातचीत कर रहे थे।

by Mujtaba Haider Rizvi
jamshedpur nirmal mahto martyrdom
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jamshedpur : झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष शहीद निर्मल महतो का शनिवार को शहादत दिवस मनाया जा रहा है। जमशेदपुर सहित पूरे झारखंड में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। कदमा के उलियान स्थित उनके समाधि स्थल पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और ‘निर्मल दा’ को नमन किया।

बिष्टुपुर स्थित चमरिया गेस्ट हाउस के बाहर भी राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर शहीद निर्मल महतो को श्रद्धासुमन अर्पित किए। भाजपा, जेएमएम सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके झारखंड आंदोलन में योगदान को याद किया और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो भी चमरिया गेस्ट हाउस पहुंचे और शहीद निर्मल महतो को श्रद्धांजलि अपिर्त की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमें शहीद निर्मल महतो के बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए। हमें शहीद निर्मल महतो के सपनों वाला झारखंड बनाना है। पोटका के विधायक संजीव सरदार ने भी चमरिया गेस्ट हाउस पहुंच कर शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वह समाधि स्थल पर पहुंचे और शहीद निर्मल महतो को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। ईचागढ़ की विधायक सविता महतो भी चमरिया गेस्ट हाउस पहुंचीं और शहीद निर्मल महतो को श्रद्धांजलि दी। पूर्व सांसद झामुमो नेता सुमन महतो के अलावा मोहन कर्मकार समेत अन्य नेताओं ने भी शहीद निर्मल महतो के शहीद स्थल पर समाधि स्थल पहुंच कर उन्हें नमन किया।

8 अगस्त 1987 को हुई थी निर्मल महतो की हत्या

निर्मल महतो की 8 अगस्त 1987 को बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित चमरिया गेस्ट हाउस के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय वे अपने सहयोगियों के साथ बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने उन पर गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल निर्मल महतो ने दम तोड़ दिया। उस समय उनकी उम्र महज 37 वर्ष थी।

कदमा के उलियान निवासी निर्मल महतो को लोग स्नेह और सम्मान से ‘निर्मल दा’ के नाम से पुकारते थे। उनकी हत्या को झारखंड आंदोलन के इतिहास की एक बड़ी घटना माना जाता है। उनकी शहादत के बाद अलग झारखंड राज्य के आंदोलन को और मजबूती मिली। बाद में उनकी हत्या की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया था।

समाधि स्थल पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया नमन

शहादत दिवस के मौके पर उलियान स्थित समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में जेएमएम के विधायक, पार्टी के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि निर्मल महतो ने झारखंड के गरीब, ग्रामीण और वंचित लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनके सपनों का झारखंड ऐसा राज्य था, जहां समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं पहुंच सकें।

विधायक ने कहा कि निर्मल महतो के सपनों को साकार करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और विकास को मजबूत करना जरूरी है। गांवों को शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जोड़कर ही उनके सपनों का झारखंड बनाया जा सकता है। शहादत दिवस पर मौजूद लोगों ने निर्मल महतो के विचारों और संघर्ष को याद करते हुए झारखंड के विकास और जनहित के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।

Read also Breaking: गोविंदपुर में बड़ा सड़क हादसा, एक बच्ची की मौके पर मौत, तीन घायल

Related Articles

Leave a Comment