
जमशेदपुर : सीएम हेमंत सोरेन उलियान में शहीद निर्मल महतो समाधि स्थल पर पहुंचे। सीएम ने सबसे पहले समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इसके बाद वह सभा स्थल पर पहुंचे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जब तक सूरज-चांद रहेगा, निर्मल महतो तेरा नाम रहेगा। उन्होंने कहा कि यह नारा झारखंड के लोगों में रचा बसा है। ऐसे ही नारों की वजह से ही झारखंड एकजुट है। ऐसे ही लोगों की वजह से ही झारखंड को वीरों की भूमि कहा जाता है। अनगिनत लोग हमारे बीच आए और चले गए। मगर, जिन लोगों ने हमारे साथ समय बिताया और जो वक्त उन्होंने समर्पण भाव के साथ झारखंड को दिया। वही लोग यहां के आदिवासी और मूलवासियों को एकजुट करने में वह अग्रसर रहे। ऐसे ही वीरों की शहादत के बाद यह राज्य अपनी अलग पहचान के साथ साल 2000 में उभरा। झारखंड की अलग पहचान बनाने में हमारे वीर शहीदों की बड़ी भूमिका है। आज इन्हीं वीरों की वजह से झारखंड भारत के नक्शे पर अलग से दिखता है।
सीएम ने कहा कि यहां के लोग एकजुट हैं। यहां के लोग एक दूसरे की मदद के लिए सदैव खड़े रहे हैं। यही ताकत झारखंड को मजबूत बनाती है। पूरा देश झारखंड की एकता का लोहा मानता है। जब राज्य अलग हुआ तो इसे दिशा देने का काम ऐसे लोगों के जिम्मे रहा, वह ऐसे लोग थे जो यहां के आदिवासी मूलवासी के घोर विरोधी रहे। ऐसे लोगों ने ही राज्य की नींव गढ़ी और एक ऐसी इमारत खड़ी कर दी कि यहां का हर व्यक्ति भय और शोषण का शिकार रहा।
सीएम ने कहा कि इसी वजह से झामुमो को सत्ता की लड़ाई लड़नी पड़ी। कई बार संघर्ष हुआ। अब फिर जनता के आशीर्वाद से राज्य को दिशा देने का मौका झामुमो को मिला है। मगर, इन साजिश करने वालों ने जिस तरीके से राज्य की नींव डाली थी, अब उस नींव को फिर से स्थापित करने की जरूरत है। मगर, यह विरोधी हमारे हर काम में रोड़ा अटका रहे हैं। मगर, झामुमो ने हार नहीं मानी। अब हम राज्य की ऐसी नींव बनाने जा रहे हैं जो यहां के जनमानस के अनुकूल रहेगी। सीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी भी विरोधी झारखंड की एकता को नष्ट करने की कोशिश में लगे हैं।
सीएम ने कहा कि आज वह शहीद निर्मल महतो के समाधि स्थल पर शीश झुकाने आए हैं। इस मौके पर सीएम ने अपने पिता दिशोम गुरू को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही वह उन्हें श्रद्धांजलि दे चुके हैं। सीएम ने कहा कि विरोधी झारखंड के विकास में लगातार रोड़ा अटका रहे हैं। मगर, प्रदेश सरकार इस साजिश को नाकाम कर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। सीएम ने कहा कि आज इस कार्यक्रम में अच्छी खासी भीड़ है। यह इस बात का परिचायक है कि जो शहीद हैं वह भले ही हमारे साथ शारीरिक रूप से नहीं हैं। मगर, उनके विचार हमारे साथ हमेशा साथ रहेंगे। सीएम ने झामुमो कार्यकर्ताओं का आभार जताया और कहा कि झामुमो अपने शहीदों को आदर्श मानते हुए अपने सफर को तय करेगी और बिना डरे आगे बढ़ेगी।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार, 8 अगस्त को जमशेदपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस के अवसर पर उलियान स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद आमसभा को भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री के जमशेदपुर दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
मुख्यमंत्री का जमशेदपुर दौरा करीब डेढ़ घंटे का निर्धारित किया गया। उन्हें दोपहर 1 बजे हेलीकॉप्टर से सोनारी हवाई अड्डे पहुंचना था। मगर वह लेट पहुंचे। यहां से सड़क मार्ग से सीधे उलियान के लिए रवाना हुए। इसके पहले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी लोगों को संबोधित किया।
सीएम का मिनट टु मिनट कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दोपहर 1:05 बजे सोनारी हवाई अड्डे से सड़क मार्ग से उलियान के लिए रवाना होंगे। करीब पांच मिनट बाद 1:10 बजे उनके शहीद निर्मल महतो के समाधि स्थल पर पहुंचने का कार्यक्रम है। उलियान पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। शहीद निर्मल महतो झारखंड अलग राज्य आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। 8 अगस्त को उनकी शहादत दिवस के अवसर पर हर वर्ष विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों और जवानों की तैनाती के साथ मुख्यमंत्री के आवागमन वाले मार्ग पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सीएम ने आमसभा को किया संबोधित
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उलियान में आयोजित आमसभा को संबोधित किया। इस दौरान शहीद निर्मल महतो के योगदान और झारखंड आंदोलन में उनकी भूमिका को याद किया गया। शहीद निर्मल महतो की शहादत झारखंड आंदोलन के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय मानी जाती है। 8 अगस्त 1987 को जमशेदपुर में उनकी हत्या कर दी गई थी। उनकी शहादत के बाद अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलन को नई गति मिली थी। झारखंड के अलग राज्य के रूप में गठन के बाद उनकी स्मृति में हर वर्ष शहादत दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
मुख्यमंत्री का यह जमशेदपुर दौरा शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस के अवसर पर हो रहा है। इस दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारी पूरी कर ली है। सोनारी हवाई अड्डे से उलियान स्थित कार्यक्रम स्थल और वहां से सर्किट हाउस तक मुख्यमंत्री के आवागमन वाले मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। कार्यक्रम स्थल पर भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए है। मुख्यमंत्री के आगमन और वापसी के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस की ओर से आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम से जुड़े सभी स्थानों पर निगरानी रखने की तैयारी की गई है।
Read Also- Harmu Elevated Road : तीसरी बार टेंडर की राह पर हरमू एलिवेटेड रोड, 326 करोड़ से बनेगा फोरलेन कॉरिडोर

