
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत मनोहरपुर और गोइलकेरा क्षेत्र से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की बालू उत्खनन पर रोक के आदेश के बाद भी बालू की तस्करी जारी है। बिना परमिट और क्षमता से ज्यादा लोड कर बालू ढोने का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा।
8 ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी गईं
शुक्रवार को सुबह में गोइलकेरा से चक्रधरपुर की ओर 8 ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली बालू लेकर आ रही थीं। सोनुवा थाना की पुलिस ने बारी गांव के पास चेकिंग के दौरान सभी वाहनों को पकड़कर जब्त कर लिया।
क्या बोली पुलिस
सोनुवा की थाना प्रभारी शशि बाला भेंगरा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। पकड़े गए ट्रैक्टरों में कोई वैध कागजात नहीं मिले। थाना लाते समय कच्ची सड़क पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई, जिससे बालू वहीं गिर गया। सभी वाहनों को जब्त कर आगे की कार्रवाई के लिए जिला खनन विभाग को भेजा गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पकड़े गए वाहनों को छुड़ाने के लिए बालू कारोबारियों द्वारा ‘ऊपर तक सेटिंग’ की कोशिश हो रही है। लोगों का आरोप है कि रात के समय 20-25 ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना चालान और ओवरलोड होकर इसी रास्ते से निकलती हैं। इससे सरकारी राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।
NGT का आदेश
NGT ने स्पष्ट किया है कि वैध खनन पट्टा, ट्रांजिट पास और तय मानकों के बिना बालू का खनन और ढुलाई पूरी तरह प्रतिबंधित है।
कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने डीसी, एसपी और जिला खनन पदाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो वाहन मालिक, चालक, खन माफिया और शामिल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। यह भी पता लगाया जाए कि अवैध बालू किसके संरक्षण में जिले में प्रवेश कर रही है। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर अभी कड़े कदम नहीं उठाए गए तो यह अवैध धंधा और बढ़ेगा, जिससे पर्यावरण, सड़क सुरक्षा और सरकारी राजस्व तीनों को नुकसान होगा।
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