रांची : इस साल श्रावणी मेला में कुछ खास होने जा रहा है। झारखंड सरकार इसे बेहद भव्य और यादगार बनाने की तैयारी में है। मेले का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त होगा। इस बार मेले का सबसे बड़ा आकर्षण लेजर शो और ड्रोन शो होगा। आधुनिक तकनीक के जरिए आसमान में भगवान शिव की महिमा और उनकी कहानियां दिखाई जाएंगी। झारखंड पर्यटन विकास निगम ने इसके लिए तैयारियों और एजेंसियों को चुनने का काम शुरू कर दिया है।
झारखंड की खूबसूरत कला-संस्कृति की भी दिखेगी झलक
इस पावन मेले में आने वाले शिवभक्तों (कांवरियों) को न सिर्फ बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि उन्हें झारखंड की खूबसूरत कला-संस्कृति और पर्यटन स्थलों की झलक भी देखने को मिलेगी। कांवरियों के ठहरने के लिए देवघर और दुमका में दो-दो जगहों पर आलीशान टेंट सिटी बनाई जा रही हैं।
देवघर कोठिया बस स्टैंड के पास करीब 2,000 श्रद्धालु रुक सकेंगे। वहीं दुमका जरमुंडी प्रखंड और दर्शनिया टिकर में 2,400 लोगों के रहने का इंतजाम होगा। इन टेंट सिटी में भक्तों के लिए भजन संध्या और कथा वाचन के कार्यक्रम भी होंगे।
और भी कई बड़े इंतजाम
देवघर और बासुकीनाथ में बड़ी एलईडी स्क्रीन लगेंगी। साथ ही सामान रखने के लिए क्लॉक रूम और पूजा-पाठ के लिए आध्यात्मिक भवन बनेंगे। जबकि देवघर के शिवलोक ग्राउंड में जर्मन तकनीक के वाटरप्रूफ टेंट (जर्मन हैंगर) लगाए जाएंगे, जहां 20 अलग-अलग स्टॉल होंगे। श्रद्धालुओं की मदद के लिए प्रमुख जगहों पर हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे, जहां पढ़े-लिखे नौजवान (ग्रेजुएट एग्जीक्यूटिव) तैनात रहेंगे।
19 जगहों पर टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर
कांवरियों को रास्ते में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए कुल 19 जगहों पर सहायता केंद्र बनाए जा रहे हैं। इनमें रांची, देवघर, दुमका और जसीडीह के रेलवे स्टेशन, रांची एयरपोर्ट, खादगढ़ा और देवघर के बस स्टैंड, सुल्तानगंज कांवरिया मार्ग, दुम्मा, सरासनी, खजुरिया और बासुकीनाथ जैसी प्रमुख जगहें शामिल हैं। इसके अलावा बिहार के पटना जंक्शन और सुल्तानगंज रिवर फ्रंट पर भी अस्थाई हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे ताकि पड़ोसी राज्यों से आने वाले भक्तों को हर जरूरी जानकारी आसानी से मिल सके।
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