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East Singhbhum News: पटमदा के ओड़िया पंचायत में पत्थर खदान का ग्रामीणों ने किया विरोध, उपायुक्त से खनन कार्य रोकने की मांग

ग्रामीणों का आरोप है कि मौजा ओड़िया के खाता संख्या 624 एवं प्लॉट संख्या 4546 की लगभग 10 एकड़ तथा प्लॉट संख्या 988 की 8 एकड़ भूमि के मुकाबले कई गुना अधिक क्षेत्र में पिछले करीब 20 वर्षों से अवैध पत्थर खनन किया जा रहा है।

by Mujtaba Haider Rizvi
patamda protest jamshedpur
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Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा प्रखंड अंतर्गत ओड़िया पंचायत के लायाडीह, चिरूडीह और ओड़िया गांव के ग्रामीणों ने प्रस्तावित एवं संचालित पत्थर खदान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम को ज्ञापन सौंपकर खनन कार्य पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि मौजा ओड़िया के खाता संख्या 624 एवं प्लॉट संख्या 4546 की लगभग 10 एकड़ तथा प्लॉट संख्या 988 की 8 एकड़ भूमि के मुकाबले कई गुना अधिक क्षेत्र में पिछले करीब 20 वर्षों से अवैध पत्थर खनन किया जा रहा है। उनका कहना है कि खदान के आसपास विद्यालय, ग्रामीणों के आवास और धार्मिक स्थल स्थित हैं, जिससे विस्फोट, धूल और प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि गांव के बीच से 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन गुजरती है, जिससे खनन गतिविधियों के दौरान किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामसभा की सहमति के बिना खनन कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है, जबकि इससे पर्यावरण, पेयजल स्रोत, खेती योग्य भूमि और आसपास के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि लायाडीह ग्रामसभा और ओड़िया पंचायत के लोगों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि क्षेत्र में पत्थर खदान का संचालन पूरी तरह बंद कराया जाए। उन्होंने जिला प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए खदान की स्वीकृति पर रोक लगाने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करते हुए खनन कार्य बंद कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्वी सिंहभूम जिला पांचवीं अनुसूची के तहत आता है। यहां पेसा कानून लागू है। इसके बाद भी ग्रामसभा की बात नहीं मानी जा रही है। एक महिला का कहना है कि जब वह खदान में काम बंद कराते हैं तो प्रशासनिक अधिकारी कहते हैं कि ग्रामीणों को सरकार राशन दे रही है और मंइयां सम्मान योजना के तहत पैसा दे रही है। इस पर महिला का जवाब है कि सरकार उन्हें राशन और मंइयां सम्मान योजना का पैसा देना बंद कर दे। उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं चाहिए। मगर, अवैध खनन बंद किया जाए। इससे काफी दिक्कत हो रही है। खदान में विस्फोट से जो धूल और प्रदूषण हो रहा है। उससे लोग परेशान हो गए हैं।

ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अंचल अधिकारी, पटमदा को भी ज्ञापन की प्रतिलिपि भेजी है।

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